क्या है 'वर्ल्ड हेरिटेज इन डेंजर लिस्ट'? पाकिस्तान की कई धरोहरों पर मंडरा रहा इसमें शामिल होने का खतरा

World Heritage In Danger List: पाकिस्तान ने यूनेस्को के उन नियमों का उल्लंघन किया है, जो कहते हैं कि ऐतिहासिक स्थलों की मूल बनावट से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
World Heritage In Danger List: पाकिस्तानी हेरिटेज साइट्स को खतरा

World Heritage In Danger List: तक्षशिला, जिसे 1980 में यूनेस्को (UNESCO) की 'विश्व धरोहर' वाली लिस्ट में शामिल किया गया था, अब खतरे में है. डर ये है कि इसे 'वर्ल्ड हेरिटेज इन डेंजर लिस्ट' (खतरे में पड़ी विश्व धरोहरों की सूची) में डाला जा सकता है. इसके अलावा पाकिस्तान की ऐसी कई ऐतिहासिक इमारतें और स्थलों पर ऐसा ही खतरा मंडरा रहा है. इस पूरे विवाद का मुख्य कारण 'मोहरा मोरादू' और 'सरकैप' जैसे प्राचीन स्थलों पर हो रहा मरम्मत का काम है. बताया गया है कि मरम्मत के दौरान मूल संरचना में बदलाव किया जा रहा है और दीवारों को ऊंचा किया गया है. इसके अलावा इन स्थलों के रखरखाव और संरक्षण में कोताही बरती जा रही है और जिम्मेदार विभाग आपस में ही उलझे हुए हैं.

डेंजर लिस्ट में डालने की चेतावनी 

यह शिकायत पेरिस में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि तक पहुंचाई गई, जिसके बाद इस पर आधिकारिक स्तर पर चिंता जताई गई. पाकिस्तान के पुरातत्व और संग्रहालय विभाग (डीओएएम) ने इन कार्यों को गंभीर उल्लंघन बताया है. उनके अनुसार, विश्व धरोहर स्थलों पर सीमेंट का उपयोग ऐतिहासिक प्रामाणिकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाता है, जो यूनेस्को के संरक्षण मानकों के खिलाफ है. विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो इन स्थलों को ‘डेंजर लिस्ट' में डाला जा सकता है.

पाकिस्तानी अधिकारियों ने आरोपों को बताया गलत

दरअसल पाकिस्तान ने यूनेस्को के उन नियमों का उल्लंघन किया है, जो कहते हैं कि ऐतिहासिक स्थलों की मूल बनावट से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए. वहीं मरम्मत का काम देख रहे पंजाब के पुरातत्व विभाग ने इन आरोपों को गलत बताया है. उनका कहना है कि हम केवल जरूरी सुधार कर रहे हैं, ताकि ये इमारतें और ज्यादा खराब होकर गिर न जाएं. ये काम अंतरराष्ट्रीय मानकों और ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर ही किया जा रहा है. उनका कहना है कि पुरानी गलतियों को सुधारा जा रहा है और प्राचीन जलकुंडों जैसी चीजों को वापस ठीक किया जा रहा है. इसके अलावा पर्यटकों के लिए बनाए जाने वाले होटल, रेस्टोरेंट आदि मुख्य ऐतिहासिक हिस्से से दूर हैं. 

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान कई अन्य ऐतिहासिक स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में संरक्षण के तरीकों पर उठ रहे सवाल उसकी वैश्विक साख को भी प्रभावित कर सकते हैं. 

Advertisement

भारत का खजाने से भरा मंदिर, जिसे एक नहीं कई बार लूटा गया; जान लीजिए पूरी कहानी

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
Assam Elections 2026: बाल विवाह खत्म करने पर पार्टियों का आमना-सामना