दुनिया में कहां हैं चांदी के सबसे बड़े भंडार, जानें किस देश के पास है सबसे ज्यादा रिजर्व

चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है. सिक्योर इंवेस्टमेंट की बढ़ती मांग और ग्लोबल अनिश्चितता के कारण चांदी नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. इसी बीच यह जानना भी दिलचस्प है कि दुनिया में सबसे ज्यादा चांदी का भंडार किस देश के पास है.

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सबसे ज्यादा चांदी किस देश में है

पिछले कुछ समय से चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रहा है. बात चाहें सर्राफा की हो या फिर MCX की. हर जगह चांदी नए रिकॉर्ड बना रही है. जिसकी वजह से चांदी के आज के भाव 3,20,100 रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच चुके हैं. चांदी में इनवेस्ट करने में अचानक बढ़ी दिलचस्पी के चलते ये उछाल नजर आ रहा है. जिसके पीछे बढ़ती महंगाई और सेफ इंवेस्टमेंट ऑप्शन और जियोग्राफिकल तनाव भी एक बड़ी वजन बन रहे हैं. जो चांदी को इंवेस्टर्स की पहली पसंद बना रहे हैं. ऐसे में ये जानना भी दिलचस्प है कि सबसे ज्यादा चांदी का भंडार किस देश के पास है.

दुनिया में सबसे ज्यादा चांदी का भंडार किस देश के पास है?

किसी देश के सिल्वर रिजर्व का मतलब उसके सेंट्रल बैंक या राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध चांदी के भंडार से होता है. MMTC-PAMP की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा चांदी का भंडार दक्षिण अमेरिकी देश पेरू के पास है. पेरू के पास करीब 1,10,000 मीट्रिक टन यानी 11 करोड़ किलो से ज्यादा चांदी मौजूद है. इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया है. जिसके पास 94,000 मीट्रिक टन चांदी है.

तीसरे स्थान पर रूस है. जिसके पास 92,000 मीट्रिक टन चांदी है. और चौथे पर चीन है. जिसके पास 72,000 मीट्रिक टन का भंडार है है. पोलैंड 63,000 मीट्रिक टन चांदी के साथ पांचवें स्थान पर आता है. भारत की बात करें तो वो इस लिस्ट में 11वें स्थान पर है. हमारे देश के पास करीब 8,000 मीट्रिक टन चांदी का भंडार है.

चांदी की ताजा कीमतें और तेजी की वजह

अगर मौजूदा कीमतों पर नजर डालें, तो साल 2025 में चांदी ने करीब 164 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी दिखाई थी. सिर्फ इस साल ही इसके भाव लगभग 47,000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा बढ़ चुके हैं. जानकारों के मुताबिक ग्लोबल अनसर्टिनिटी, डॉलर में उतार चढ़ाव और इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ने से चांदी की कीमतों को लगातार उछाल मिल रहा है.

चांदी सिर्फ ज्वैलरी में काम नहीं आती. बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और मेडिकल इक्विपमेंट में भी इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है. यही कारण है कि भविष्य में भी चांदी इंवेस्टमेंट और उपयोग दोनों के लिहाज से अहम बनी रह सकती है.

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