वकीलों के लिए क्यों जरूरी है AIBE एग्जाम? जानें क्या होता है पैटर्न

भारत में वकालत करने के लिए सिर्फ एलएलबी नहीं बल्कि एआईबीई एग्जाम पास करना भी जरूरी है. जानिए परीक्षा का पैटर्न, पासिंग मार्क्स और इससे मिलने वाला लाइसेंस

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एआईबीई एग्जाम में कुल 100 ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल पूछे जाते हैं.

AIBE : भारत में वकील बनने का सपना देखने वाले लाखों स्टूडेंट्स हर साल लॉ की पढ़ाई पूरी करते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को ये बात पता होती है कि सिर्फ एलएलबी की डिग्री लेकर आप कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू नहीं कर सकते हैं. जी हां, लॉ ग्रेजुएट बनने के बाद आपको ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन यानी AIBE एग्जाम पास करना जरूरी होता है. जब तक आप ये एग्जाम क्लियर नहीं करते, तब तक बार काउंसिल ऑफ इंडिया आपको वकालत करने का लाइसेंस जारी नहीं करती है. आसान शब्दों में कहें तो एलएलबी आपको डिग्री देता है, लेकिन एआईबीई आपको असली वकील बनने की पहचान देता है.

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लीगल प्रैक्टिस शुरू करने की परीक्षा

बार काउंसिल ऑफ इंडिया हर साल एआईबीई एग्जाम आयोजित करवाती है. इस परीक्षा को पास करने के बाद उम्मीदवारों को सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस यानी COP जारी किया जाता है. इसके बाद ही आप अपने राज्य की बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं और कोर्ट में केस लड़ने के लिए लाइसेंस मिल जाता है. जब तक आपके पास ये सर्टिफिकेट नहीं होता, तब तक आप सिर्फ लॉ ग्रेजुएट माने जाते हैं.

कब होती है परीक्षा और कौन दे सकता है

एआईबीई 2026 परीक्षा की तारीख तय कर दी गई है और इस बार ये परीक्षा 7 जून 2026 को आयोजित की जाएगी. बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया फरवरी से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार तय समय सीमा के भीतर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. जो भी लॉ ग्रेजुएट्स इस साल वकालत की प्रैक्टिस शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए इस परीक्षा में शामिल होना बेहद जरूरी होगा. परीक्षा पास करने के बाद ही उम्मीदवारों को सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस जारी किया जाएगा. लॉ के फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स भी इस परीक्षा में बैठ सकते हैं. किसी भी उम्र का व्यक्ति ये एग्जाम दे सकता है.

क्या है एग्जाम पैटर्न

एआईबीई एग्जाम में कुल 100 ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल पूछे जाते हैं. हर सवाल एक नंबर का होता है और सबसे राहत की बात ये है कि इसमें कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है. परीक्षा में 3 घंटे 30 मिनट का समय दिया जाता है. ये एक ओपन बुक एग्जाम होता है, यानी आप अपने साथ बेयर एक्ट ले जा सकते हैं. इसमें कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ, भारतीय दंड संहिता, सिविल प्रोसीजर कोड, एविडेंस एक्ट, फैमिली लॉ, साइबर लॉ, कॉन्ट्रैक्ट लॉ जैसे कुल 19 सब्जेक्ट्स से सवाल पूछे जाते हैं.

पास होने के लिए कितने नंबर जरूरी 

इस परीक्षा में जनरल और ओबीसी कैटेगरी के उम्मीदवारों को कम से कम 45 प्रतिशत अंक लाने होते हैं. वहीं एससी और एसटी कैटेगरी के कैंडिडेट्स के लिए पासिंग मार्क्स 40 प्रतिशत तय किए गए हैं.

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