योगी सरकार की बड़ी पहल, ट्रांसजेंडर समुदाय को मिलेगा राशनकार्ड

योगी सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. सरकार ने विशेष अभियान चलाकर सभी ट्रांसजेंडर नागरिकों को राशन कार्ड मुहैया कराने का फैसला लिया है. इसके तहत पहले सभी वंचित ट्रांसजेंडर की पहचान की जाएगी और सभी सरकारी जनकल्याण योजना में शामिल किया जाएगा.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फाइल फोटो
उत्तर प्रदेश:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक और सामाजिक सरोकार निभाते हुए ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है. सरकार अब विशेष अभियान चलाकर ट्रांसजेंडर नागरिकों को राशन कार्ड मुहैया कराएगी. इसके तहत उन्हें पात्र गृहस्थी राशन कार्ड जारी कर खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. 

राशन कार्ड से वंचित हर ट्रांसजेंडर की होगी पहचान

खाद्य एवं रसद विभाग के निर्देश के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाकर ऐसे ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की पहचान की जाएगी, जो अभी तक किसी कारणवश राशन कार्ड से वंचित हैं. यह कदम समाज के इस उपेक्षित वर्ग को न केवल भोजन की सुरक्षा देगा, बल्कि उन्हें शासन की मुख्यधारा से भी जोड़ेगा. ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड ने शासन को अवगत कराया है कि राज्य में बड़ी संख्या में ट्रांसजेंडर नागरिक आज भी आजीविका के स्थायी साधनों से वंचित हैं. सामाजिक असमानताओं के चलते न तो उनके पास स्थायी रोजगार है और न ही राशन कार्ड जैसी बुनियादी सरकारी सुविधा. इससे वे खाद्य सुरक्षा जैसी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. 

सीएम योगी की समावेशी नीति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशील सोच और समावेशी विकास की नीति के तहत इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए अब इन वंचित नागरिकों के लिए राशन कार्ड बनाए जाएंगे और उन्हें नियमित खाद्यान्न की आपूर्ति दी जाएगी. खाद्य एवं रसद विभाग ने समस्त जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में ट्रांसजेंडर समुदाय के सभी पात्र व्यक्तियों को चिह्नित कर तत्काल प्रभाव से राशन कार्ड जारी करें. राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और सरल बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित न रहना पड़े. 

हर जिले में बनेगा ट्रांसजेंडर सुरक्षा सेल

इस अभियान के अंतर्गत पात्रता की पुष्टि के उपरांत संबंधित व्यक्तियों को 'पात्र गृहस्थी' श्रेणी में सम्मिलित कर उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभान्वित किया जाएगा. राज्य में 60 वर्ष से अधिक आयु के ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को वृद्धाश्रम की सुविधा देने का फैसला किया गया है, जिससे उन्हें न केवल आश्रय मिलेगा, बल्कि एक सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जीने का अवसर भी मिलेगा. इसके साथ ही उन्हें पेंशन, आयुष्मान भारत कार्ड, स्वास्थ्य जांच, भोजन और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग जैसी आवश्यक सेवाएं भी दी जाएंगी. इसके अलावा ट्रांसजेंडर समुदाय की सुरक्षा और समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु प्रदेश सरकार ने हर जनपद में ट्रांसजेंडर सुरक्षा सेल की स्थापना की है. जिलाधिकारी की देखरेख में यह सेल संचालित हो रही है. 

Advertisement

एक हजार से अधिक पहचान पत्र जारी 

अब तक 1,067 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी हो रही है. साथ ही 248 ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है, जिससे वे शिक्षा की मुख्यधारा में आकर आत्मनिर्भर बन सकें. योगी सरकार का लक्ष्य एक समावेशी समाज का निर्माण करना है, जहां हर व्यक्ति को सम्मान और अवसर मिले. ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
Iran Big Statement On War: ईरान FM अब्बास अराघची का बड़ा बयान: जंग हमेशा के लिए खत्म हो! | War News
Topics mentioned in this article