ओमान में अपने नियोक्ता के खिलाफ गुहार लगाने वाली महिला को दूतावास में दी गई शरण: अधिकारी

दीपिका के पति जोगी मुकेश ने सोमवार को दावा किया था कि मार्च से ओमान में रसोइया के रूप में काम कर रही उनकी पत्नी को नियोक्ता ने बंधक बना लिया है. भिलाई निवासी मुकेश ने दावा किया था कि रिहाई के लिए दो से तीन लाख रुपये की मांग की जा रही है.

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दुर्ग: ओमान में अपने नियोक्ता के खिलाफ गुहार लगाने वाली छत्तीसगढ़ की महिला को मस्कट में भारतीय दूतावास में शरण दी गई है. एक सरकारी अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. दीपिका जोगी के पति ने सोमवार को दावा किया था कि उनकी पत्नी को ओमान में नियोक्ता ने बंधक बनाकर रखा है. उन्होंने यह भी दावा किया कि नियोक्ता ने दीपिका की रिहाई के लिए पैसे की मांग की है. दीपिका के पति ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया था.

दुर्ग की जिलाधिकारी ऋचा प्रकाश चौधरी ने कहा कि दीपिका जोगी ने एक फरवरी को भारतीय दूतावास (मस्कट में) से संपर्क कर भारत भेजने का आग्रह किया था. उन्होंने कहा कि दीपिका को वहां दूतावास में शरण दी गई है.

उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास ने कानूनी कार्रवाई को पूरा करने के बाद महिला की भारत वापसी के लिए सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है.

जिलाधिकारी ने कहा कि दीपिका पर्यटक वीजा पर ओमान गई थीं और बाद में इसे 'वर्क वीजा' में बदलवा लिया. उन्होंने बताया कि दूतावास ने एक फरवरी को महिला के पति से बात की और उन्हें सूचित किया कि उनकी पत्नी को दूतावास में शरण दी जा रही है.

दीपिका के पति जोगी मुकेश ने सोमवार को दावा किया था कि मार्च से ओमान में रसोइया के रूप में काम कर रही उनकी पत्नी को नियोक्ता ने बंधक बना लिया है. भिलाई निवासी मुकेश ने दावा किया था कि रिहाई के लिए दो से तीन लाख रुपये की मांग की जा रही है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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