बेटे की परवरिश के लिए छोड़ी सरकारी नौकरी, अब कमरे में लगाई फांसी... गुजरात के अलंग में महिला डॉक्टर की संदिग्ध मौत

गुजरात में मनार अलंग थाना क्षेत्र में 32 वर्षीय महिला डॉक्टर डॉ. मिनाबेन मारू की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है. शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन मृतका के पिता ने साजिश की आशंका जताते हुए आत्महत्या से इनकार किया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

गुजरात के अलंग क्षेत्र के एक गांव में 32 वर्षीय महिला डॉक्टर की मौत को लेकर सनसनी फैल गई है. बुधवार दोपहर वह अपने पति के घर में मृत अवस्था में पाई गईं. शुरुआती तौर पर मामला फांसी लगाकर आत्महत्या का बताया जा रहा था, लेकिन मृतका के पिता ने इसे सिरे से नकारते हुए गंभीर संदेह जताया है. इसके बाद प्रशासन ने मामले की उच्च स्तर पर जांच शुरू कर दी है.

मृतका की पहचान डॉ. मिनाबेन विजयभाई मारू के रूप में हुई है. वह एक योग्य डॉक्टर थीं और कोरोना काल के दौरान कच्छ के नारायण सरोवर स्थित सरकारी अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के तौर पर सेवाएं दे चुकी थीं. बाद में उनका तबादला टिम्बी हुआ था. बताया जा रहा है कि हाल ही में उन्होंने अपने चार वर्षीय बेटे की परवरिश पर ध्यान देने के लिए सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था.

आत्महत्या पर पिता ने जताया शक

पुलिस के अनुसार, डॉ. मिनाबेन पिछले सात वर्षों से अपने पति विजयभाई के साथ रह रही थीं. बुधवार को वह अपने घर में फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिलीं. जब शव को पोस्टमार्टम के लिए तलाजा रेफरल अस्पताल लाया गया, तब मृतका के पिता प्रविणभाई देवजीभाई ने आत्महत्या के दावे पर सवाल खड़े कर दिए.

यह भी पढ़ें- IPS केके बिश्नोई-अंशिका वर्मा की शादी के बाद नाराज क्‍यों हुए अखिलेश यादव? SP नेताओं की दी खास नसीहत

Advertisement

मीडिया से बात करते हुए प्रविणभाई ने कहा, 'मेरी बेटी डॉक्टर थी, पढ़ी-लिखी और अनुभवी मेडिकल ऑफिसर रही है. वह इतनी कमजोर नहीं थी कि आत्महत्या जैसा कदम उठाए. घर के आसपास रहने वाले कुछ रिश्तेदारों के साथ घरेलू तनाव चल रहा था.'

'हमें शक है कि कुछ और हुआ है'

उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह उन्हें बेटी के घर बुलाया गया और कुछ ही घंटों बाद अस्पताल बुलाकर पोस्टमार्टम रूम में उसकी लाश दिखाई गई. उन्होंने कहा, 'हमें शक है कि कुछ और हुआ है. हम इंसाफ चाहते हैं.' परिजनों की आपत्ति और आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने नायब मामलतदार (कार्यकारी मजिस्ट्रेट) की मौजूदगी में पंचनामा किया. शव की बारीकी से जांच की गई ताकि फांसी के अलावा किसी अन्य प्रकार की चोटों के निशान की पुष्टि हो सके.

Advertisement

यह भी पढ़ें- होर्मुज से सुरक्षित मार्ग के लिए UK की पहल में शामिल होगा भारत, विदेश मंत्रालय ने बताया क्या है प्लान

मामले में पूरी पारदर्शिता और विशेषज्ञ राय सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने बुधवार देर शाम शव को भावनगर भेज दिया, जहां डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. फिलहाल अलंग पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच और कार्रवाई पूरी तरह पैनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर निर्भर करेगी. रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई और साजिश छिपी है.

हेल्पलाइन
वंद्रेवाला फाउंडेशन फॉर मेंटल हेल्‍थ 9999666555 या help@vandrevalafoundation.com
TISS iCall 022-25521111 (सोमवार से शनिवार तक उपलब्‍ध - सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक)
(अगर आपको सहारे की ज़रूरत है या आप किसी ऐसे शख्‍स को जानते हैं, जिसे मदद की दरकार है, तो कृपया अपने नज़दीकी मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ के पास जाएं)

Featured Video Of The Day
West Bengal Election Violence: Murshidabad में भारी बवाल, Humayun Kabir के काफिले की गाड़ी पर हमला