भारत में वायरल हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) मूवमेंट के बाद सोशल मीडिया पर खुद को "कॉकरोच पार्टी पाकिस्तान" कहने वाला एक नया ग्रुप सामने आया है. यह ग्रुप भ्रष्टाचार, खराब गवर्नेंस और पाकिस्तान की बढ़ती आर्थिक चुनौतियों के खिलाफ खड़ा है. ग्रुप का कहना है कि उसका एजेंडा आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता, अच्छी शिक्षा, देश के ऊर्जा संकट को हल करने और पानी की कमी को दूर करने पर केंद्रित है. इंस्टाग्राम पर इस ग्रुप के 1,12,000 से ज़्यादा फॉलोअर्स हैं. ग्रुप का कहना है कि पाकिस्तान यहां के लोगों का है, न कि "भ्रष्ट माफियाओं" का, और इसका मकसद युवाओं और आम नागरिकों की आवाज बनना है.
इंस्टाग्राम पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, यह अकाउंट मई में बनाया गया था और इसे कनाडा से चलाया जाता है. इसे जुलाई महीने की शुरुआत में वेरिफ़ाई किया गया था. 'कॉकरोच पार्टी' ने पार्टी के अलग-अलग पदों के लिए आवेदन भी मंगाए हैं, जिससे पता चलता है कि वह अपनी ऑनलाइन मौजूदगी से आगे बढ़कर एक संगठनात्मक ढांचा बनाने की कोशिश कर रही है.
हाल ही में जारी अपने घोषणा-पत्र में इस ग्रुप का कहना है कि वह आम पाकिस्तानियों- खासकर युवाओं का प्रतिनिधित्व करता है. ऐसा ग्रुप जो भ्रष्टाचार, परिवारवादी राजनीति और विशेषाधिकार पर आधारित व्यवस्था से परेशान हैं. घोषणा पत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक सुधारों को बढ़ावा देने का वादा किया है, साथ ही नौकरी के अवसर पैदा करने, शिक्षा, शासन में सुधार और पाकिस्तान के ऊर्जा संकट के समाधान को प्राथमिकता देने की बात कही है.
CPP के घोषणा-पत्र में कुछ अहम मुद्दे
- भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कार्रवाई.
- भाई-भतीजावाद और विशेषाधिकार वाली राजनीति का विरोध.
- रोज़गार के अवसर बढ़ाना.
- शिक्षा व्यवस्था में सुधार.
- ऊर्जा संकट और पानी की कमी का समाधान.
- आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करना.
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सोशल मीडिया पर इस ग्रुप की बढ़ती मौजूदगी के बावजूद इस आंदोलन को असल में जनता का कितना समर्थन हासिल है, इसकी संगठनात्मक ताकत क्या है और क्या यह ऑनलाइन जुड़ाव को एक असरदार राजनीतिक ताकत में बदल सकता है, इन बातों पर सवाल बने हुए हैं. पाकिस्तान के सैन्य-राजनीतिक ढांचे की आलोचना करने वालों का कहना है कि आम नागरिकों के मामलों में सेना के बार-बार दखल ने लोकतांत्रिक संस्थाओं और जवाबदेही को कमजोर किया है. उन्होंने सेना प्रमुख आसिम मुनीर, प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और व्यापक सैन्य-नागरिक ढांचे पर आरोप लगाया है कि वे महंगाई, बेरोजगारी, शासन की कमियों और भ्रष्टाचार को स्थायी रूप से हल करने में नाकाम रहे हैं, जबकि सत्ता को जमे-जमाए राजनीतिक और संस्थागत रसूखदार लोगों के हाथों में ही केंद्रित रहने दिया है.
बेरोजगार युवाओं को "कॉकरोच" और "परजीवी" कहने के बाद शुरू हुआ मूवमेंट
भारत और पाकिस्तान, दोनों जगह इन "कॉकरोच पार्टियों" का उदय भारत के मुख्य न्यायाधीश की उन टिप्पणियों के बाद हुआ, जिनमें उन्होंने एक्टिविज्म में शामिल कुछ बेरोजगार युवाओं को "कॉकरोच" और "परजीवी" कहा था. इसके बाद भारत में कॉकरोच जनता पार्टी का गठन एक व्यंग्यात्मक और विरोध आंदोलन के तौर पर हुआ. इसने पाकिस्तान में भी इसी तरह के ग्रुप्स को प्रेरित किया, जैसे "कॉकरोच अवामी पार्टी" और "कॉकरोच अवामी लीग," जो मई 2026 के आसपास सोशल मीडिया पर सामने आए. ये समूह खुद को "आलसी और बेरोजगार" युवाओं और Gen-Z की आवाज बताते हैं और ऑनलाइन स्थापित राजनीतिक नैरेटिव को चुनौती देते हैं. पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भारत में CJP के असर का जिक्र करते चेतावनी दी कि निराश युवा, जिन्हें "कॉकरोच" कहकर खारिज कर दिया गया था, अगर एकजुट हो जाएं तो सब कुछ पलट सकते हैं.