Explained: यूपी के चुनावी रंगमंच पर कितना असर डालेगी स्मृति ईरानी की एंट्री, क्या सोचकर भाजपा ने दिया मौका

स्मृति ईरानी ने पश्चिम बंगाल और असम के विधानसभा चुनावों में जम कर मेहनत की. अब राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर शानदार वापसी की है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
लखनऊ:

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में जिस एक नाम ने सबसे अधिक ध्यान खींचा है, वह है स्मृति ईरानी का. उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है. वह नितिन नवीन की टीम में अकेली महिला महासचिव हैं. उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को देखते हुए उनके चयन को काफी अहम माना जा रहा है. अमेठी की सांसद रहीं स्मृति ईरानी 2024 की हार के बाद से ही संगठन और सरकार दोनों से दूर थीं. ऐसे में अब उनकी वापसी की चर्चा होना लाजिमी है. स्मृति ईरानी किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं. चाहे छोटा पर्दा हो या फिर राजनीति का रंगमंच, उन्होंने अपनी प्रतिभा और कड़े परिश्रम से अपनी अलग विशिष्ट पहचान बनाई है. छोटे पर्दे पर उन्होंने क्योंकि सास भी कभी बहू थी में तुलसी विरानी के किरदार में अपने शानदार अभिनय से घर-घर में पहचान बनाई तो वहीं राजनीति में राहुल गांधी को उन्हीं के गढ़ में हरा कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी. 

इसके बाद से उन्हें जायंट किलर कहा गया. हालांकि वे 2024 में अमेठी में लोक सभा चुनाव हार गईं, उसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. पार्टी की दी गईं जिम्मेदारियों का निर्वहन किया. पश्चिम बंगाल और असम के विधानसभा चुनावों में जम कर मेहनत की. अब राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर शानदार वापसी की है. ईरानी को यह जिम्मेदारी देना सीधे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़ा है. राज्य में फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां बीजेपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में हैट्रिक लगाने के लिए कमर कस रही है. तेजतर्रार स्मृति ईरानी न केवल राहुल की अगुवाई वाली कांग्रेस से दो-दो हाथ कर सकती हैं बल्कि अखिलेश यादव को भी टक्कर दे सकती हैं.

उत्तर प्रदेश उनके लिए नया नहीं है. यहां पहली बार उन्होंने 2014 में एक कड़े मुकाबले में हिस्सा लिया था. वे पहली बार नेहरु-गांधी परिवार के गढ़ अमेठी से चुनाव लड़ी थीं। वह चुनाव हार गई थीं, लेकिन उन्होंने अमेठी नहीं छोड़ा। वे जमीनी स्तर पर काम करती रहीं. गांव वालों से मिलती रहीं और उनके दुख-दर्द में हिस्सा बन गईं. उन्होंने कांग्रेस की इस पारंपरिक सीट पर भाजपा को जमीनी स्तर पर मजबूत किया. फिर पांच साल बाद लौटीं तो मजबूत संगठन और आत्मविश्वास उनके काम आया और नतीजा जीत में तब्दील हुआ. उन्होंने सीधे मुकाबले में राहुल गांधी को उन्हीं की इस सीट पर हरा दिया.

अमेठी वाला गढ़ जीतीं और फिर हारीं, अब दोबारा दमदार वापसी

स्मृति ईरानी की इस ऐतिहासिक जीत ने दशकों पुराने गांधी परिवार के गढ़ को ध्वस्त कर दिया और उन्हें भारतीय राजनीति में जायंट किलर के रूप में स्थापित कर दिया. हालांकि, 2024 के चुनाव में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा के हाथों हार का सामना करना पड़ा. उसके बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठने लगे थे. इस हार के बाद उन्हें सरकार से बाहर होना पड़ा था और उन्हें संगठन में भी कोई दायित्व नहीं मिला था. एक ऐसे समय जब महिला मतदाताओं पर सभी राजनीतिक दलों का फोकस है, स्मृति ईरानी की वापसी के जरिए भाजपा महिला मतदाताओं को बड़ा राजनीतिक संदेश दे सकती है. 

Advertisement

चुनावी अभियान में माहिर और कई भाषाओं में देती हैं स्पीच

वह एक प्रभावी वक्ता हैं और कई भाषाओं में भाषण देती हैं. वह महिलाओं में विशेषकर लोकप्रिय हैं. ऐसे में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर आगे लाकर पार्टी महिलाओं को एक बार फिर से साधने और अपने पाले में मजबूत करने की पुरजोर कोशिश करेगी. वह  प्रखर वक्ता होने के साथ ही आक्रामक अभियानकर्ता भी हैं. चुनावों में प्रचार के लिए उनकी मांग भाजपा की राज्य ईकाइयों की ओर से की जाती है. वह विपक्ष के हमलों का जवाब देने और जनसभाओं में नैरेटिव सेट करने में माहिर हैं.

अब तक कैसा रहा है स्मृति ईरानी का सफर

स्मृति ईरानी ने अपने करियर की शुरुआत टीवी उद्योग से की थी. मशहूर धारावाहिक 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में 'तुलसी विरानी' के किरदार से वे देशभर में घर-घर में पहचानी गईंय. वह 2003 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं. इसके बाद वे 2010 से 2013 तक बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पार्टी की राष्ट्रीय सचिव भी रहीं. वे गुजरात और महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद रहीं. 2014 से 2024 के बीच वे मोदी सरकार में शिक्षा, कपड़ा, सूचना एवं प्रसारण, महिला एवं बाल विकास और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री रहीं.

Advertisement
Featured Video Of The Day
माइक ऑन है: सोनिया गांधी ने वंदे मातरम गाने से रोका?

Topics mentioned in this article
Smriti Irani
Smriti Irani News
Smriti Irani News In Hindi
Smriti Irani News Updates
India News