- बेंगलुरु स्थित कॉन्फिडेंट ग्रुप के संस्थापक डॉ. सी.जे. रॉय ने इनकम टैक्स छापेमारी के दौरान आत्महत्या की
- आयकर विभाग ने डॉ. रॉय से जुड़ी कंपनियों पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापेमारी की थी
- डॉ. रॉय ने 2005-06 में कॉन्फिडेंट ग्रुप की स्थापना की और इसे बहुराष्ट्रीय रियल एस्टेट कंपनी बनाया
बेंगलुरु के रियल एस्टेट कंपनी कॉन्फिडेंट ग्रुप (Confident Group) के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. सी.जे. रॉय ने खुद को गोली मारकर जान दे दी. यह घटना उस वक्त हुई जब इनकम टैक्स विभाग की टीमें उनके ऑफिस पर छापेमारी कर रही थीं. पुलिस के अनुसार, घटना बेंगलुरु की है जहां इनकम टैक्स अफसर रिचमंड रोड स्थित कॉन्फिडेंट ग्रुप के हेडक्वार्टर में कार्रवाई कर रहे थे. बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह से ही आयकर विभाग डॉ. रॉय से जुड़ी कंपनियों और ठिकानों पर छापेमारी कर रहा था.
आय से अधिक संपत्ति मामले में हुई थी कार्रवाई
दावों के अनुसार, छापों के दौरान उनकी कमाई के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति से जुड़े कुछ अहम पहलू सामने आए थे. पुलिस का कहना है कि डॉ. रॉय बार-बार होने वाली आयकर छापों और हालिया कार्रवाई के कारण काफी गहरे मानसिक तनाव में थे. इसी दबाव के चलते उन्होंने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली.
कौन थे डॉ. सी.जे. रॉय और क्या है कॉन्फिडेंट ग्रुप?
डॉ. सी.जे. रॉय को रियल एस्टेट सेक्टर में बड़े नाम थे. उन्होंने अपनी मेहनत से कॉन्फिडेंट ग्रुप को फर्श से अर्श तक पहुंचाया था. डॉ. रॉय के निधन की खबर मिलते ही कॉर्पोरेट जगत और उनके कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई है. डॉ. सी.जे. रॉय ने अपनी मेहनत और अनुशासन से एक विशाल रियल एस्टेट ग्रुप 'जीरो-डेबिट' (कर्ज-मुक्त) साम्राज्य खड़ा किया.
स्विट्जरलैंड से बिजनेस की पढ़ाई और ज्यूरिख से पीएचडी
मूल रूप से केरल से ताल्लुक रखने वाले डॉ. रॉय का पालन-पोषण बेंगलुरु में हुआ. उन्होंने स्विट्जरलैंड के SBS बिजनेस स्कूल, ज्यूरिख से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में डॉक्टरेट (PhD) की उपाधि प्राप्त की थी.इससे पहले उन्होंने फ्रांस और स्विट्जरलैंड में अपनी पढ़ाई पूरी की. अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने फॉर्च्यून 100 कंपनी Hewlett-Packard (HP) में काम किया.
डॉ. रॉय ने साल 2005-2006 में कॉन्फिडेंट ग्रुप की नींव रखी. उन्होंने इसे केवल एक रियल एस्टेट कंपनी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे एक बहुराष्ट्रीय समूह (Multinational Conglomerate) बनाया. उनके नेतृत्व में कंपनी ने रिहायशी विला, अपार्टमेंट, अस्पतालों, स्कूलों, और शॉपिंग मॉल्स का निर्माण किया. अब तक 205 से अधिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके हैं. ग्रुप की मौजूदगी भारत (बेंगलुरु और केरल) के अलावा यूएई (दुबई) और अमेरिका तक फैली हुई है. बेंगलुरु के पास स्थित Zion Hills नामक 18-होल गोल्फ कोर्स भी इसी ग्रुप का हिस्सा है. डॉ. रॉय को इस बात पर गर्व था कि उनकी कंपनी 'जीरो-डेबिट' (बिना किसी कर्ज के) काम करती है और उन्होंने 150 से अधिक प्रोजेक्ट्स बिना एक दिन की देरी के समय पर डिलीवर किए.
डॉ. रॉय का प्रभाव केवल बिजनेस तक सीमित नहीं था. वे ग्लैमर और खेलों की दुनिया में भी सक्रिय थे. वे बिग बॉस कन्नड़ जैसे बड़े शोज के प्रायोजक रहे. केरल के प्रसिद्ध रियलिटी शो 'आइडिया स्टार सिंगर' के साथ भी उनका गहरा जुड़ाव रहा. उन्हें लग्जरी कारों का बेहद शौक था; उनके पास रॉल्स-रॉयस जैसी कई कीमती कारों का कलेक्शन था. जून 2025 में ही उन्होंने केरल और कर्नाटक के 201 गरीब छात्रों को 1 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की थी.केरल की विनाशकारी बाढ़ के दौरान उन्होंने 100 घरों के पुनर्निर्माण में सहायता की और कई गरीब मरीजों के हार्ट ऑपरेशन का खर्च भी उठाया.














