- मोदी सरकार ने 2026 के लिए पद्म सम्मानों की घोषणा की है, जिसमें भारत रत्न किसी को नहीं दिया गया है
- पद्म विभूषण पांच हस्तियों को मिला, जिनमें धर्मेंद्र और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी एस अच्युतानंदन शामिल हैं
- चुनावी राज्यों में केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और असम के कई हस्तियों को पद्म सम्मान दिए गए हैं
मोदी सरकार ने 2026 के लिए पद्म सम्मानों की घोषणा कर दी है. इस बार सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न किसी को नहीं दिया गया. जबकि दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पद्म विभूषण पांच हस्तियों को दिया गया है, जिनमें मशहूर फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी एस अच्युतानंदन को मरणोपरांत दिया गया है. दिलचस्प बात यह है कि जिन पांच लोगों को पद्म विभूषण दिया गया, उनमें से तीन केरल के हैं. यह संयोग नहीं है कि इस साल जिन पांच राज्यों में चुनाव हैं, उनमें केरल भी शामिल है.
चुनावी राज्यों की झोली भी भरी
यही नहीं अन्य चुनावी राज्यों की झोली में भी पद्म सम्मान आए हैं. तमिलनाडु से 13, पश्चिम बंगाल से 11, केरल से 8 और असम से पांच हस्तियों को सम्मानित किया गया है. वैसे सबसे अधिक 15 सम्मान महाराष्ट्र को मिले, लेकिन चुनावी राज्य तमिलनाडु 13 सम्मानों के साथ दूसरे स्थान पर है. पश्चिम बंगाल यूपी के साथ चौथे और केरल कर्नाटक के साथ पांचवें स्थान पर है.
सम्मान देने के लिए जिन हस्तियों को चुना गया है, उसके पीछे भी राजनीतिक संदेश साफ़ दिखता है. केरल में सीपीएम के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वी एस अच्युतानंदन को मरणोपरांत पद्म विभूषण दिया गया. वैचारिक रूप से आरएसएस भाजपा के कट्टर विरोधी रहे अच्युतानंद का नाम चौंकाता है, लेकिन मोदी सरकार ने इससे पहले भी कई धुर वैचारिक विरोधियों को सम्मानित किया है. इस बार सत्तारूढ़ वाम मोर्चे को कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ से कड़ी टक्कर मिल रही है, जबकि बीजेपी तीसरी ताकत के रूप में जमीन मजबूत कर रही है. सीपीएम के दिग्गज नेता को पद्म सम्मान देना उसके उन वोटरों को रास आ सकता है, जो विकल्प की तलाश में हैं. शुक्रवार को ही केरल की यात्रा पर गए पीएम मोदी ने तिरुवनंतपुरम में सरकारी कार्यक्रम में जिस तरह मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन का मंच पर इंतजार किया और ससम्मान उनकी अगवानी की, उसके राजनीतिक निहितार्थ भी तलाशे जा रहे हैं.
Photo Credit: पद्म पुरस्कार पाने वाले सभी लोगों की फोटो
बीजेपी कैडर से लेकर नामचीन लोग
आरएसएस के समाचार पत्र जन्मभूमि के संपादक रहे वरिष्ठ पत्रकार पी नारायणन को पद्म विभूषण दिया गया है. केरल से सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज के टी थॉमस को भी पद्म विभूषण मिला. वो पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषियों को सजा देने वाली पीठ के सदस्य रहे हैं. उन्होंने न्यायिक जवाबदेही के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. केरल से ही मशहूर अभिनेता ममूटी और सामाजिक कार्यकर्ता वी नटेशन को पद्म भूषण दिया गया है.
केरल से पांच विभूतियों को पद्म श्री भी दिया गया. विज्ञान और इंजीनियरिंग के लिए ए ई मुतुनयंगम, मेडिसिन के लिए अर्मिदा फर्नांडिस, कला के लिए के विमला मेनन, सामाजिक कार्य के लिए के देवकी अम्मा जी को पद्म श्री दिया गया.
पश्चिम बंगाल से ग्यारह हस्तियों को पद्म श्री सम्मान मिला है. अशोक कुमार हालदार को साहित्य एवं शिक्षा, गंभीर सिंह योंजोन साहित्य एवं शिक्षा, हरि माधब मुखोपाध्याय (मरणोपरांत) कला, ज्योतिष देबनाथ कला, कुमार बोस कला, महेंद्र नाथ रॉय साहित्य एवं शिक्षा, प्रोसेनजीत चटर्जी कला, रबी लाल टुडू साहित्य एवं शिक्षा, सरोज मंडल चिकित्सा, तरुण भट्टाचार्य कला और तृप्ति मुखर्जी कला के लिए पद्म श्री से सम्मानित किए गए.
तमिलनाडु से दो पद्म भूषण और 11 पद्म श्री दिए गए.
कल्लिपट्टी रामासामी पलनीस्वामी को चिकित्सा और एस. के. एम. मैलानंदन को सामाजिक कार्य के लिए पद्म भूषण दिया गया. के. रामासामी विज्ञान एवं अभियांत्रिकी, के. विजय कुमार सिविल सेवा, एच. वी. हांडे चिकित्सा, ओथुवार तिरुत्तनी स्वामीनाथन कला, कुमारस्वामी थंगराज विज्ञान एवं अभियांत्रिकी, आर. कृष्णन (मरणोपरांत) कला, राजस्थपति कलिअप्पा गौंडर कला, पुन्नियमूर्ति नटेसन चिकित्सा, तिरुवारूर भक्तवत्सलम कला टी. टी. जगन्नाथन (मरणोपरांत) व्यापार एवं उद्योग और वीझिनाथन कामकोटि को विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म श्री दिया गया है.
चुनावी राज्य असम से जिन्हें सम्मानित किया गया, उनमें बीजेपी के दिग्गज नेता कविंद्र पुरकायस्थ भी हैं, जिनका हाल में निधन हुआ. राज्य से हरिचरण सैकिया को कला, जोगेश देउरी कृषि, नुरुद्दीन अहमद, पोखिला लेखथेपी कला और कबिन्द्र पुरकायस्थ (मरणोपरांत) को लोक सेवा के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया.












