कौन हैं रवनीत सिंह बिट्टू, जिन्हें राहुल गांधी ने 'गद्दार दोस्त' कहा; कांग्रेस से BJP में कैसे आए थे?

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहकर बुलाया, जिस पर बवाल खड़ा हो गया है. ऐसे में जानते हैं कि रवनीत सिंह बिट्टू कौन हैं?

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  • राहुल गांधी ने संसद परिसर में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहकर विवाद को जन्म दिया था
  • रवनीत सिंह बिट्टू कांग्रेस छोड़कर मार्च 2024 में बीजेपी में शामिल हुए और अगस्त 2024 में राज्यसभा सांसद बने
  • बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं, जिनकी हत्या 1995 में एक बम धमाके में हुई थी
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नई दिल्ली:

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की एक टिप्पणी को लेकर बखेड़ा खड़ा हो गया है. उन्होंने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को 'गद्दार' कहकर बुलाया, जिस पर हंगामा होने लगा है. ये सब हुआ संसद परिसर में, जब राहुल गांधी निलंबित सांसदों के साथ प्रदर्शन कर रहे थे. तभी रवनीत सिंह बिट्टू वहां से गुजरे तो उन्हें देखकर राहुल ने 'गद्दार दोस्त' कहा. राहुल ने कहा- 'नमस्ते भाई, मेरे गद्दार दोस्त, चिंता मत करो तुम वापस आ जाओगे.' राहुल ने उनसे हाथ मिलाने की भी कोशिश की लेकिन बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया. 

बीजेपी ने राहुल की इस टिप्पणी को 'सिखों का अपमान' बताया है. वहीं, बिट्टू ने पलटवार करते हुए कहा कि वो हमेशा सिखों को निशाना बनाते रहे हैं. उन्होंने राहुल को 'सबसे बड़ा गद्दार' और 'सिखों का कातिल' बता दिया.

रवनीत सिंह बिट्टू पहले कांग्रेस में थे और फिर बीजेपी में आए. राहुल गांधी के उन्हें 'गद्दार' कहने की वजह शायद ये भी है. कौन है रवनीत सिंह बिट्टू? कितनी संपत्ति के मालिक हैं? जानते हैं सबकुछ.

कौन हैं रवनीत सिंह बिट्टू?

रवनीत सिंह बिट्टू राज्यसभा सांसद हैं और अभी मोदी सरकार में रेलवे मंत्रालय और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं. अगस्त 2024 में बीजेपी ने उन्हें राजस्थान से राज्यसभा भेजा था. 

बीजेपी में आने से पहले रवनीत सिंह बिट्टू कांग्रेस में थे. मार्च 2024 में ही वह बीजेपी में शामिल हुए हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें लुधियाना से टिकट दिया था लेकिन वह कांग्रेस उम्मीदवार अमरिंर सिंह राजा वरार से हार गए थे. इससे पहले बिट्टू दो बार लुधियाना से सांसद रह चुके थे.

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बेअंत सिंह के पोते हैं बिट्टू

रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके बेअंत सिंह के पोते हैं. अगस्त 1995 में एक सुसाइड बॉम्बर ने बेअंत सिंह की हत्या कर दी थी. 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में सेक्रेटेरिएट कॉम्प्लेक्स में एक बम धमाके में उनकी मौत हो गई थी. इस धमाके में 3 कमांडो समेत 17 लोगों की जान चली गई थी. खालिस्तान समर्थक संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के दिलावर सिंह बब्बर ने सुसाडइ बॉम्बर का काम किया था. उनकी हत्या में खालिस्तान कमांडो फोर्स भी शामिल था. 

कांग्रेस से बीजेपी में कैसे आए बिट्टू?

बिट्टू ने अपना राजनीतिक करियर कांग्रेस से शुरू किया. 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें आनंदपुर साहिब से टिकट दिया. इस चुनाव में बिट्टू ने जीत हासिल की. इसके बाद 2014 और 2019 में उन्होंने लुधियाना सीट से लोकसभा चुनाव जीता.

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मार्च 2021 में जब लोकसभा में कांग्रेस के तत्कालीन नेता अधीर रंजन चौधरी बंगाल चुनाव में व्यस्त थे, तो कांग्रेस ने बिट्टू को ही लोकसभा में अपना नेता नियुक्त किया. 11 मार्च से 18 जुलाई 2021 तक बिट्टू लोकसभा में कांग्रेस के नेता थे.

राहुल गांधी के साथ कैप्टन अमरिंदर सिंह और रवनीत सिंह बिट्टू.

जून 2022 में उन्हें जान से मारने की धमकी मिली थी. यूके के एक नंबर से बिट्टू को वॉट्सऐप पर कई कॉल आए थे. कॉलर ने जरनैल सिंह भिंडरावाले को लेकर टिप्पणियों के चलते बिट्टू को जान से मारने की धमकी दी थी.

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24 मार्च 2024 को उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और बीजेपी में आ गए. 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें लुधियाना से टिकट दिया लेकिन वो हार गए. इसके बाद अगस्त 2024 में उन्हें राजस्थान से राज्यसभा भेजा गया.

कितनी है संपत्ति?

बिट्टू के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके पास 5.94 करोड़ रुपये की संपत्ति है. इसमें से 5.08 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है. उनके खिलाफ तीन क्रिमिनल केस दर्ज हैं. बिट्टू 12वीं पास हैं.

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