- देश के कई हिस्सों में तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है जिससे गर्मी की तीव्रता बढ़ी है
- यूरोपीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून मई के अंत तक भारत में पहुंच सकता है
- पिछले साल मानसून ने केरल में 27 से 29 मई के बीच जल्दी दस्तक दी थी
अप्रैल में देश के कई हिस्सों में तापमान 43-44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. चिलचिलाती धूप और भट्टी की तरह धधकाने वाली गर्मी के बीच रूह को ठंडक देने वाली खबर सामने आई है. ये खबर बारिश को लेकर है. हर कोई यही सोच रहा है कि बारिश कब आएगी? इस बीच उम्मीद की एक किरण नजर आई है दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर.
जल्द आएगा मानसून! बारिश की ठंडक गर्मी से देगी राहत
यूरोपीय मध्यम-श्रेणी मौसम पूर्वानुमान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, जल्द ही दक्षिण-पश्चिम मानसून दस्तक दे सकता है. जिसकी वजह से मई के आखिर तक दक्षिण भारत में झमाझम बारिश हो सकती है. बात अगर पिछले साल यानी कि साल 2025 की करें तो केरल में बारिश जल्दी यानी कि 27-29 मई के बीच शुरू होने के संकेत कई पूर्वानुमानो में मिले थे. लेकिन मानसून ने उम्मीद से पहले ही केरल में दस्तक दे दी थी. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी मानसून समय से पहले गया था. इस साल भी मानसून जल्द दस्तक देने की संभावना बनती दिखाई दे रही है. हालांकि मानसून के जल्द आने के पीछे कई वजह होती हैं.
मानसून सबसे पहले कहां दस्तक देता है?
आमतौर पर मानसून सबसे पहले दक्षिणई राज्यों में दस्तक देता है. साल 2025 में केरल में सबसे पहले मानसून आया था. इस हफ्ते जारी मौसमी चार्ट के मुताबिक, 18 से 25 मई के बीच मानसून अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तक पहुंचने की संभावना है. बता दें कि हिंद महासागर से आने वाली नम हवाएं भारत में बारिश की वजह बनती हैं.
भारत में कैसे पहुंचता है मानसून?
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के दक्षिणी हिस्से में दक्षिण-पश्चिम से तेज़ हवाएं चल रही हैं. इन हवाओं की वजह से भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. 25 मई से 1 जून तक, मानसून की लहर पश्चिम और उत्तर की ओर बढ़ने का अनुमान जताया जा रहा है. दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में चलने वाली तेज़ पश्चिमी हवाएं नमी को सीधे भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट की तरफ लेकर आएंगी. इसकी वजह से केरल और तमिलनाडु में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है.













