- भारत और अमेरिका व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए निरंतर और रचनात्मक बातचीत कर रहे हैं
- दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक पांच सौ अरब अमेरिकी डॉलर के व्यापार लक्ष्य को प्राप्त करना है
- अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय और भारत के वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी वार्ता के मुख्य वार्ताकार हैं
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों में लगातार हो रही प्रगति पर जोर देते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को कहा कि दोनों पक्ष एक व्यापक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए निरंतर बातचीत कर रहे हैं. राष्ट्रीय राजधानी में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच वार्ता "रचनात्मक" है और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ आपसी चिंताओं को दूर करने पर केंद्रित है.
भारत का बयान
रणधीर जायसवाल ने आगे कहा कि ये चर्चाएं द्विपक्षीय व्यापार को महत्वपूर्ण रूप से विस्तारित करने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जिसमें दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक 500 अरब अमेरिकी डॉलर के व्यापार का लक्ष्य हासिल करना है, जिसका उल्लेख अंतरिम समझौते के ढांचे में पहले किया गया था. जायसवाल ने कहा, “ये बातचीत जारी है और रचनात्मक है. दोनों पक्ष एक संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभकारी और भविष्य के लिए अनुकूल व्यापार समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं, जिसमें एक-दूसरे की चिंताओं और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखा जाए और 2030 तक 500 अरब अमेरिकी डॉलर के व्यापार लक्ष्य को प्राप्त किया जाए, इसलिए स्वागत योग्य व्यापार समझौते की दिशा में हम यहीं तक पहुंचे हैं.”
अमेरिका का बयान
इससे पहले मंगलवार को, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि वाशिंगटन और नई दिल्ली एक अंतिम व्यापार समझौते की दिशा में प्रगति कर रहे हैं, क्योंकि दोनों पक्ष अमेरिकी राजधानी में नए सिरे से बातचीत कर रहे हैं. एएनआई से बात करते हुए अधिकारी ने कहा, “ट्रंप प्रशासन और भारत एक अंतिम व्यापार समझौते की दिशा में सकारात्मक और उपयोगी चर्चा जारी रखे हुए हैं.”
यह टिप्पणी वाशिंगटन में दोनों देशों के बीच चल रही व्यापार वार्ता की वर्तमान स्थिति के बारे में एएनआई के प्रश्न के उत्तर में आई. भारतीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता के नये दौर के लिए वाशिंगटन पहुंच रहा है. चर्चाओं से परिचित एक अन्य अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दोनों पक्ष समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं, और अधिकांश महत्वपूर्ण मुद्दे पहले ही सुलझ चुके हैं. अधिकारी ने एएनआई को बताया, "लगभग काम पूरा हो चुका है. अब बहुत कम ही मुद्दे बचे हैं."
कहां तक पहुंची बात
आगामी चर्चाओं में समझौते में शेष कमियों को दूर करने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है, जिन्हें अधिकारी ने संख्या में नगण्य बताया, क्योंकि समझौते का अधिकांश भाग प्रभावी रूप से तय हो चुका है. भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूटीआर) के अधिकारियों के साथ बातचीत करेगा. दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के सहायक ब्रेंडन लिंच मुख्य वार्ताकार के रूप में अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व कर रहे हैं. भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन कर रहे हैं, जिन्होंने वाशिंगटन के साथ चल रही व्यापार वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
कब तक हो सकती है घोषणा
अधिकारियों ने कहा कि वाशिंगटन में दोनों देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की उपस्थिति प्रस्तावित व्यापार ढांचे के प्रति बढ़ती गति को दर्शाती है. हालांकि समझौते के विशिष्ट विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन वार्ता के एडवांस स्टेज ने जल्द ही घोषणा होने की उम्मीदें बढ़ा दी हैं. अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ कम करने और द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के उद्देश्य से लंबे समय से व्यापार वार्ता चल रही है. यदि समझौता हो जाता है, तो यह दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक के बीच आर्थिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा.
कब बनी थी सहमति
7 फरवरी को भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने पारस्परिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार पर एक अंतरिम समझौते के ढांचे पर सहमति जताने की घोषणा की. इस ढांचे ने बाजार पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से 13 फरवरी, 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) वार्ता के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि की.
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