क्या है ‘ऑपरेशन नुमखोर’, 15000 से ज्यादा गाड़ियां बिना टैक्स कैसे आईं? जानें फिल्मी सितारों वाला कनेक्शन

भूटान से भारत में लग्जरी कारों की तस्करी और टैक्स चोरी रोकने के लिए केरल के मुन्नार में भारत-भूटान सीमा शुल्क अधिकारियों की ठक चल रही है. इस दौरान तस्करी की गई महंगी और लग्जरी गाड़ियों को पकड़ने के लिए कड़े सुरक्षा उपायों पर चर्चा जा रही है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
कस्टम विभाग के 'ऑपरेशन नुमखोर' के बारे में जानें (AI फोटो)
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • कस्टम विभाग ने ऑपरेशन नुमखोर के तहत भूटान से बिना टैक्स चुकाए 15,849 गाड़ियों की तस्करी का खुलासा किया
  • केरल में 35 से 40 लग्जरी कारों की जांच से शुरू हुआ मामला हजारों अवैध गाड़ियों तक पहुंच गया
  • नेशनल व्हीकल रजिस्ट्री के डिजिटल ऑडिट में नकली दस्तावेजों और फर्जी डिस्पोजल सर्टिफिकेट का खुलासा हुआ है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

‘ऑपरेशन नुमखोर', ये नाम सुनने में अजीब सा लगता है. जहन में ये सवाल जरूर होगा कि ये आखिर है क्या. तो बता दें कि ये गाड़ी तस्करी से जुड़ा एक ऑपरेशन है. दरअसल कस्टम विभाग ने इस ऑपरेशन के जरिए गाड़ियों की बड़ी तस्करी का पर्दाफाश किया है. जांच में पता चला है कि भूटान के रास्ते करीब 15,849 गाड़ियां बिना टैक्स और ड्यूटी चुकाए भारत में रजिस्टर कराई गईं. इसके खुलासे के लिए ही 'ऑपरेशन नुमखोर' शुरू किया गया है. नुमखोर एक भूटानी शब्द है, जिसका मतलब वाहन से है.  

अवैध गाड़ियों से फिल्मी सितारों का कनेक्शन

भूटान के रास्ते अवैध रूप से लाई गईं इन गाड़ियों की वजह से सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है. कस्टम विभाग ने केरल में 35-40 लग्जरी कारों से जांच की शुरुआत की थी, लेकिन धीरे-धीरे जांच हजारों वाहनों तक पहुंच गई. इस मामले में कई फिल्मी हस्तियों के नाम भी सामने आए हैं. कहा जा रहा है कि इन स्टार्स ने नियमों को दरकिनार कर फर्जी तरीके से लग्जरी गाड़ियां खरीदीं. हालांकि ये फिल्म स्टार्स कौन हैं, ये सामने नहीं आ सका है.

भूटान के रास्ते गाड़ियों की तस्करी

बताया जा रहा है कि भूटान से सटे बॉर्डर वाले पूर्वोत्तर इलाकों से लग्जरी गाड़ियां फर्जी तरीके से लाई गईं. सिर्फ असम में ऐसे 464 वाहन रजिस्टर्ड थे. वहीं केरल से 50 से ज्यादा गाड़ियां जब्त की गई हैं. 

कैसे खुली अवैध गाड़ियों की पोल?

भूटान के रास्ते अवैध तरीके से लाई जा रही गाड़ियों की पोल ‘नेशनल व्हीकल रजिस्ट्री' के डिजिटल ऑडिट में  खुली. कई गाड़ियों को सेना से बेची गई पुरानी गाड़ियां बताकर फर्जी ‘डिस्पोजल सर्टिफिकेट' के आधार पर लाया गया. चालाकी तो देखिए महंगी कारों के लिए मंत्रालय और विदेशी दूतावासों नकली डॉक्युमेंट्स बनाए गए, ताकि भारी कस्टम ड्यूटी से बचा जा सके.कस्टम विभाग ने जब कागज जांचे तो हाई-क्वालिटी के नकली दस्तावेजों की पोल खुल गई, जो देखने में बिल्कुल असली लग रहे थे. 

Advertisement

बता दें कि भूटान से भारत में लग्जरी कारों की तस्करी और टैक्स चोरी रोकने के लिए केरल के मुन्नार में भारत-भूटान सीमा शुल्क अधिकारियों की बैठक चल रही है. इस दौरान तस्करी की गई महंगी और लग्जरी गाड़ियों को पकड़ने के लिए कड़े सुरक्षा उपायों पर चर्चा की जाएगी.

Advertisement

ये भी पढ़ें-पश्चिम बंगाल में BJP को जीत दिलाने के लिए RSS वाले पब्लिक को क्या बता रहे, 1.75 लाख बैठक कर चुके

Featured Video Of The Day
Iran Israel War | ट्रंप ने धमकाया, युद्ध 2.0 का साया? | Donald Trump | IND Vs PAK | Hormuz | us