कृषि मशीनरी पर GST कम, किसानों की लागत घटेगी, ट्रैक्टर से लेकर थ्रेसर तक किस मशीन पर घटेंगे कितने दाम

दिल्ली में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि यंत्रीकरण से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में कहा कि GST की घटी हुई दरों के लागू होने के बाद ट्रैक्टर 35 एचपी अब 41,000 रुपये सस्ता होगा.

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  • केंद्र सरकार ने कृषि यंत्रों पर GST दरों में कटौती कर किसानों को सीधे आर्थिक लाभ पहुंचाने की पहल
  • ट्रैक्टर की कीमतों में 41 हजार से 63 हजार रुपये तक की कमी हुई है, जिससे किसानों की लागत घटेगी
  • धान रोपण यंत्र, थ्रेसर, पावर वीडर, सीड ड्रिल जैसे कृषि उपकरणों की कीमतों में भी हजारों की बचत
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नई दिल्ली:

केंद्र सरकार ने ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्रीकरण संघ, कृषि मशीनरी निर्माता संघ, अखिल भारतीय कम्बाइन हार्वेस्टर निर्माता संघ और पावर टिलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (Power Tiller Association of India) सहित अन्य संबंधित संगठनों से आग्रह किया गया है कि 22 सितंबर से GST की घटी हुई दरों का सीधा लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ किसानों तक पहुंचाने के लिए वो गंभीरता से ज़रूरी पहल करें.

जीएसटी दरों में बदलाव के बाद ट्रैक्टर सस्ते

दिल्ली में शुक्रवार को कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि यंत्रीकरण से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में कहा कि GST की घटी हुई दरों के लागू होने के बाद ट्रैक्टर 35 एचपी अब 41,000 रुपये सस्ता होगा. ट्रैक्टर 45 एसपी 45,000 रुपये सस्ता मिलेगा. वहीं ट्रैक्टर 50 एचपी पर 53,000 रुपये और ट्रैक्टर 75 एचपी पर 63,000 रुपये की बचत होगी. बागवानी व निराई-गुड़ाई करने वाले छोटे ट्रैक्टर पर भी बचत होगी. छोटे से लेकर बड़े ट्रैक्टर्स पर जीएसटी दरों में कमी के बाद कीमत कम होंगी.

कृषि से जुड़ी और कौन सी चीजें हो जाएगी सस्ती

कृषि में इस्तेमाल होने वाली कई और मशीनरी भी GST की नयी दरें लागू होने के बाद सस्ते हो जायेंगे. कृषि मंत्रालय के मुताबिक, धान रोपण यंत्र (4 पंक्ति– वॉक बिहाइंड) की कीमत 15,400 रुपये घट जाएगी. 4 टन प्रति घंटा क्षमता वाला बहुफसली थ्रेसर 14,000 रुपये सस्ता होगा. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक, पावर वीडर- 7.5 एचपी की कीमत 5,495 रुपये कम होगी. सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल– 11 टाइन अब 10,500 रुपये सस्ता मिलेगा. सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल – 13 टाइन 3,220 रुपये कम कीमत में मिलेगा. हार्वेस्टर कंबाइन पर अब 4,375 रुपये की बचत होगी. वहीं 14 फीट कटर बार का दाम सीधे-सीधे 1,87,500 रुपये कम होगा.

स्ट्रॉ रीपर- 5 फीट अब 21, 875 रुपये सस्ता मिलेगा. सुपर सीडर- 8 फीट खरीदने पर 16,875 रुपये बचेंगे. हैप्पी सीडर- 10 टाइन 10,625 रुपये सस्ता होगा. रोटावेटर- 6 फीट खरीदने पर 7,812 रुपये की बचत होगी. स्क्वायर बेलर- 6 फीट पर 93,750 रुपये कम होंगे. मल्चर– 8 फीट पर 11,562 रुपये की बचत होगी. न्यूमैटिक प्लांटर- 4 पंक्ति 32,812 रुपये कम कीमत में मिलेगा. वहीं ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर– 400 लीटर क्षमता भी 9,375  रुपये सस्ता मिलेगा.

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नई GST दरों से किसानों को बड़ा लाभ

  • ट्रैक्टर पर बचत ₹41,000 से ₹63,000 तक
  • पावर टिलर पर बचत ₹11,875
  • सीड ड्रिल पर बचत ₹3,220 से ₹4,375
  • मल्टीक्रॉप थ्रेशर पर बचत ₹14,000
  • हार्वेस्टर पर बचत ₹1,87,500
  • स्ट्रॉ रीपर पर बचत ₹21,875
  • बेलर पर बचत ₹93,750

जीएसटी दर में बदलाव से किसानों को राहत

कृषि मंत्रालय के मुताबिक, किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उत्पादन बढ़ाना जरूरी है और उत्पादन की लागत भी कम करना महत्वपूर्ण होगा. कृषि यंत्रीकरण दोनों ही स्थितियों में जरूरी है. उत्पादन बढ़ाने के लिए भी और उत्पादन की लागत कम करने के लिए भी है. मशीनें जरूरी हैं चाहे ट्रैक्टर हो, हार्वेस्टर हो, थ्रेसर, पावर टिलर या छोटी मशीनें सभी की खेती में आवश्यकता पड़ती है. ऐसे में GST की दरों में कटौती से उत्पादन की लागत कम करने में मदद मिलेगी और कीमतें सस्ती होने से ज़्यादा किसान उत्पादन बढ़ाने के लिए इनका ज़्यादा इस्तेमाल भी कर सकेंगे.

किसानों को जागरूक करने की पहल

कृषि मंत्रालय ने किसानों तक GST की दरों में सुधारों के लाभ की जानकारी पहुंचाने के लिए विभिन्न संचार माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार भी करने का फैसला किया है ताकि किसान जागरुक हो सकें. 3 अक्टूबर, 2025 से रबी फसल के लिए शुरू होने जा रहे ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान' के दूसरे चरण के दौरान भी GST कम होने से होने वाले लाभ की जानकारी किसानों तक पहुंचाने की कोशिश होगी.

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