पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मैदान में 1445 उम्मीदवार है, जिनके द्वारा दायर किये गए हलफनामों का विश्लेषण किया गया है. इसमें पाया गया है कि इन में 338 (23 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की है और 295 (20 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों की घोषणा की है.
आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवार
एडीआर रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी पार्टी के 141 उम्मीदवारों में से 102 उम्मीदवार यानी 72 प्रतिशत, तृणमूल कांग्रेस के 142 उम्मीदवारों में से 49 यानी 35 प्रतिशत, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के 100 उम्मीदवारों में से 51 उम्मीदवार यानी 51 प्रतिशत और कांग्रेस के 142 उम्मीदवारों में से 37 उम्मीदवार यानी 26 प्रतिशत ने अपने चुनावी हलफनामों में अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की है.
राज्य के 142 निर्वाचन क्षेत्रों में से 63 (44 प्रतिशत) "रेड अलर्ट" निर्वाचन क्षेत्र हैं, जिनमें तीन या अधिक उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. 1,445 उम्मीदवारों में से 321 (22 प्रतिशत) के पास एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है.
करोड़ों की संपत्ति वाले उम्मीदवार
एडीआर के अनुसार, प्रमुख पार्टियों में से तृणमूल के 142 उम्मीदवारों में से 103 (73 प्रतिशत), भाजपा के 141 उम्मीदवारों में से 73 (52 प्रतिशत), कांग्रेस के 142 उम्मीदवारों में से 36 (25 प्रतिशत) और माकपा के 100 उम्मीदवारों में से 33 (33 प्रतिशत) ने एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति घोषित की है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक उम्मीदवार की औसत संपत्ति 1.21 करोड़ रुपये है.
रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख पार्टियों में 142 तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 5.05 करोड़ रुपये, 141 भाजपा उम्मीदवारों की 3.28 करोड़ रुपये, 100 माकपा उम्मीदवारों की 1.22 करोड़ रुपये और 142 कांग्रेस उम्मीदवारों की 1.04 करोड़ रुपये है.
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