पश्चिम बंगाल में एक और बीएलओ की मौत का मामला सामने आया है. परिवार का आरोप है कि एसआईआर (SIR) के दौरान तनाव की वजह से बीएलओ उत्पल थोकदार की जान चली गई. घटना ज़िले के चंचल-II ब्लॉक के नाओदापारा इलाके की है. मृतक नाओदापारा इलाके के बूथ नंबर-93 में काम कर रहे था. लेकिन बीती रात कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई.
इस वजह से तनाव में था मृतक
उत्पल काफी समय से मानसिक तनाव में थे. इसकी वजह भी सामने आई है. उनके बूथ के लगभग 110 लोगों के नाम एक ऐसी सूची में डाल दिए गए थे, जिन पर अभी फ़ैसला होना बाकी था. परिवार का आरोप है कि दबाव के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई थी. इसी दबाव के कारण आखिरकार उनकी जान चली गई.
बेटी बोली- तनाव नहीं झेल पा रहे थे पिता
मृतक की बेटी अदिति थोकदार ने कहा, "मेरे पिता पर काम का बहुत ज़्यादा दबाव था. उन्हें दिल का दौरा पड़ा और कल रात करीब 10 बजे उनकी मौत हो गई. मेरे पिता चुनाव ड्यूटी से जुड़े तनाव को झेल नहीं पाए."
रिश्तेदार बोला- चुनाव आयोग जिम्मेदार
वहीं, एक अन्य रिश्तेदार बप्पादित्य सरकार ने ज़ोर देकर कहा, "इस मौत के लिए चुनाव आयोग ज़िम्मेदार है. उन पर बहुत ज़्यादा मानसिक दबाव था. वह इसलिए परेशान थे, क्योंकि उनके बूथ के 110 लोगों के नाम फ़ैसले वाली सूची में डाल दिए गए थे. आखिरकार इसी मानसिक तनाव के कारण उनकी मौत हो गई."














