बंगाल के सिर्फ 3 जिलों में 82 सीटें, हुगली से हावड़ा तक कांटे की टक्कर, भवानीपुर समेत 142 सीटों पर कल पड़ेंगे वोट

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोटिंग होने वाली है. बीजेपी, टीएमसी में टक्कर के बीच कांग्रेस और वामपंथी दल भी पूरी एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं.

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West Bengal Assembly Election 2026
कोलकाता:

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण का मतदान बुधवार 29 अप्रैल को होगा. पहले चरण में 93 फीसदी की बंपर वोटिंग के बाद तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी ने दूसरे चरण में पूरी ताकत झोंक रखी है. कांग्रेस, लेफ्ट और हुमायू्ं कबीर की पार्टी भी जोर आजमाइश कर रही है. विधानसभा की 142 सीटों पर कल मतदान होगा.पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान में उत्तर बंगाल और आस-पास के जिलों में भाजपा ने अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश की. वहीं दूसरे चरण में तृणमूल कांग्रेस के किलों कोलकाता, हावड़ा, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, नादिया, हुगली और पूर्वी बर्धमान जिलों में वोटिंग होगी. उत्तर 24 परगना, साउथ 24 परगना और हुगली को मिला दें तो 82 सीटें हैं.

दूसरे चरण की 142 सीटों में टीएमसी ने 2021 में 123 सीट जीती थीं. बीजेपी ने 18 और इंडियन सेक्युलर फ्रंट को एक सीट मिली थी. बंगाल में ममता बनर्जी की अगुवाई में टीएमसी हैट्रिक लगा चुकी है. भवानीपुर में नंदीग्राम सीट पर सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था. इस बार भवानीपुर विधानसभा सीट पर भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुकाबले में बीजेपी ने नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी को उतारा है. 

पहले चरण में बंपर सीटें

तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि ये हमेशा से हमारा मजबूत गढ़ रहा है. विधानसभा चुनाव 2021 से 2024 के लोकसभा चुनाव में भी टीएमसी को यहां समर्थन मिला. बीजेपी का भी कहना है कि दक्षिण बंगाल में पकड़ बनाए बिना हम सत्ता तक नहीं पहुंच सकते. नार्थ 24 परगना, कोलकाता और हावड़ा में ही असली चुनावी जंग है और बदलाव यहीं से होगा. हुगली में 18, पूर्वी बर्धमान में 16, उत्तर 24 परगना में 33 विधानसभा सीट, दक्षिण 24 परगना में 31, हावड़ा में 16, नदिया में 17 और कोलकाता में 11 सीट हैं. पहले चरण में दोनों ही दल 100 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा कर चुके हैं. एसआईआर के बीच बड़ी संख्या के बंगाली प्रवासी मजदूर भी वोटिंग के लिए लौटे हैं. 

उत्तर 24 परगना में सबसे ज्यादा नाम कटे

उत्तर 24 परगना में मतदाता सूचियों से 12.6 लाख से अधिक नाम हटाए गए. कोलकाता में करीब 7 लाख, हावड़ा में 6 लाख, हुगली में 4.68 लाख, दक्षिण 24 परगना में 10.91 लाख से अधिक  और नादिया में लगभग 4.85 लाख नाम डिलीट किए गए हैं. बंगाल के 25 विधानसभा क्षेत्रों में हटाए गए नामों की संख्या पिछली जीत के अंतर से भी ज्यादा है. टीएमसी का आरोप है कि अल्पसंख्यक, प्रवासी मजदूरों और गरीब बंगाली भाषी वोटरों के नाम हटाए गए हैं. बीजेपी ने फर्जी नामों और अवैध घुसपैठ करने वालों के नाम हटाने की बात कही है.

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कोलकाता का किंग कौन

कोलकाता नगर निगम के आठ वार्डों में फैला भवानीपुर मिनी इंडिया कहलाता है. यहां बंगाली, गुजराती, मारवाड़ी, जैन, सिख, मुस्लिम और बिहार और झारखंड से आए प्रवासी श्रमिक इस सीट पर बड़ी संख्या में रहते हैं.नंदीग्राम में वोटिंग के बाद सुवेंदु अधिकारी ने पूरी ताकत भवानीपुर में झोंकी है. अमित शाह कोलकाता से चुनाव प्रचार में डटे हैं. एसआईआर के बाद  करीब 51 हजार नाम यहां वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं.

1. दक्षिण 24 परगना 

बंगाल का दक्षिण 24 परगना (South 24 Parganas)TMC का सबसे मजबूत किला रहा है.हालांकि वोटों के ध्रुवीकरण और ISF के प्रभाव के कारण त्रिकोणीय मुकाबला BJP के लिए फायदेमंद हो सकता है. BJP भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज को मुद्दा बनाकर ग्रामीण वोटरों में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है.

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2. कोलकाता उत्तर और दक्षिण 

कोलकाता (Kolkata North & South) को पारंपरिक रूप से TMC का गढ़ माना जाता है, लेकिन शहरी मध्यम वर्ग के बीच आरजीकर जैसी घटना और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर BJP आक्रामक है. भवानीपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ BJP ने सुवेंदु अधिकारी को उतारा है.

3. उत्तर बंगाल के जिले 

नार्थ बंगाल की बात करें तो दार्जिलिंग, सिलिगुड़ी और जलपाईगुड़ी (Darjeeling, Siliguri, Jalpaiguri) दूसरे चरण में महत्वपूर्ण इलाके हैं. विधानसभा चुना 2021 और लोकसबा चुनाव 2024 में यह क्षेत्र BJP का गढ़ रहा है. गोरखालैंड और चाय बागान के मुद्दे यहां हावी रहे हैं.ममता बनर्जी ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं से लुभाने में लगी है.

4. बैरकपुर और उत्तर 24 परगना

बैरकपुर और उत्तर 24 परगना में कारखानों और श्रमिक वोटों का बड़ा प्रभाव है. PM मोदी ने हाल ही में बैरकपुर में रैली कर 1857 के स्वतंत्रता संग्राम का जिक्र किया था और बंगाली अस्मिता और बदलाव का आह्वान किया था. 
 

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