विश्वभारती का संचालन निरंकुश तरीके से नहीं किया जाना चाहिए : ममता बनर्जी

ममता बनर्जी की टिप्पणियां पूर्व कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती के विवादों से भरे कार्यकाल की ओर संकेत करती प्रतीत लगीं.चक्रवर्ती का छात्र नेताओं और संकाय के वरिष्ठ सदस्यों के साथ टकराव हुआ था.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
ममता बनर्जी ने कहा कि हम किसी को भी रवींद्रनाथ टैगोर से जुड़े इस स्थान को दूषित करने की इजाजत नहीं देंगे.
कोलकाता:

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि विश्वभारती को निरंकुश तरीके से नहीं चलाया जाना चाहिए. बनर्जी ने कोलकाता से बीरभूम जिले में स्थित शांतिनिकेतन में पौष मेले का ऑनलाइन माध्यम से उद्घाटन किया. यह विरासत मेला तीन साल के अंतराल के बाद आयोजित किया जा रहा है. पहले दो साल मेला कोविड-19 महामारी के कारण आयोजित नहीं किया गया था जबकि तीसरे साल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने बुनियादी ढांचागत समस्याओं के कारण इसका आयोजन नहीं किया गया.

ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘हम किसी को भी रवींद्रनाथ टैगोर से जुड़े इस स्थान को दूषित करने की इजाजत नहीं देंगे. विश्वभारती को निरंकुश तरीके से नहीं चलाया जाना चाहिए. प्रत्येक विद्यार्थी और आश्रमवासी को समान सम्मान दिया जाना चाहिए.''

बनर्जी की टिप्पणियां पूर्व कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती के विवादों से भरे कार्यकाल की ओर संकेत करती प्रतीत लगीं.चक्रवर्ती का छात्र नेताओं और संकाय के वरिष्ठ सदस्यों के निलंबन सहित कुछ शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्रवाइयों को लेकर छात्रों और संकाय के एक वर्ग के साथ अक्सर टकराव हुआ था.

उनके कार्यकाल में नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन और विश्वविद्यालय से जुड़ा भूमि विवाद भी सामने आया. उनके कार्यकाल में शांतिनिकेतन को यूनेस्को सम्मान के बाद संस्थान द्वारा स्थापित स्मारक पट्टिका से टैगोर का नाम हटा दिया गया. था।

Featured Video Of The Day
Bihar में Deputy CM बनेंगे Nitish Kumar के बेटे? नई सरकार के फॉर्मूले पर सबसे बड़ा Update | Top News
Topics mentioned in this article