- कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या में उनकी बहू शालू और दो नौकरों का शामिल होना सनसनीखेज मामला बना
- शालू ने ससुर की हत्या के लिए नौकरों को छह लाख रुपये सुपारी दी और पार्टी में डांस करती रही
- हत्या के दौरान शालू ने फोन पर हत्यारों को लगातार गाइड किया और हत्या की सूचना भी प्राप्त की
उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के प्रतिष्ठित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा के हत्याकांड ने सनसनी फैला दी है. ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी हत्या में किसी बाहरी का नहीं बल्कि उनकी अपनी बहू का हाथ था. यही नहीं उनकी बहू शालू अपने ससुर की हत्या के लिए घर के दो नौकरों को 6 लाख रुपये की सुपारी दी थी. फिर एक पार्टी में निकल गई और पति के साथ डांस करती रही. तुम तो धोखेबाज हो, वादा करके भूल जाते हो... इस गाने पर शालू पार्टी में थिरकती रही और उधर उसके इशारे पर घर के अंदर ही विनीत मिनोचा को चाकुओं से गोद डाला गया.
हत्या के बाद घर पहुंची शालू इतना रोई कि ऐसा लगा कि वह ससुर जी की हत्या से बहुत दिखी है, लेकिन जब वही कातिल निकली तो इस राजफाश ने हर किसी के होश उड़ा दिए. फिलहाल शालू और उसके पति सुब्रत का डांस वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. बहू की ऐसी साजिश पर हर कोई हैरान है. यही नहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस मामले में विनीत के बेटे सुब्रत को भी क्लीन चिट नहीं है और उसकी भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है. जानकारी के मुताबिक शालू अपने पति की हत्या की पूरी प्लानिंग करने के बाद घर से निकली थी. उसकी तैयारी थी कि जब तक घर लौटूं तब तक ससुर का कत्ल हो चुका हो. यही नहीं पुलिस सूत्रों के अनुसार बहू फोन पर हत्यारों को लगातार गाइड करती रही.
फिर जब विनीत मिनोचा का कत्ल हो गया तो हत्यारों ने शालू को फोन पर ही काम हो जाने की सूचना दी. हत्या की खबर मिलने के बाद पति और बेटे के साथ रात 3 बजे शालू घर पहुंची थी. घर पहुंचकर शालू के रोने-चिल्लाने का CCTV फुटेज भी सामने आया था. पुलिस जांच में हत्या के दौरान शालू के पार्टी में डांस करने का वीडियो सामने आया. 6 सितंबर को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद विशाल और राजकिशोर को गिरफ्तार किया था. दोनों ही विनीत के घर में ही काम करते थे. इन लोगों ने पूछताछ में कबूला कि उन्होंने शालू के कहने पर ही कारोबारी का कत्ल किया था. पुलिस ने सोमवार को ही शालू को भी अरेस्ट कर लिया और जेल भेज दिया है.
इस मामले का पर्दाफाश करने में सोसायटी के सुरक्षाकर्मी मदन सिंह की भूमिका अहम रही. शालू से मदन से बात करने के बाद ही पूछताछ हुई. शुरुआत में वह कबूल नहीं रही थी. फिर सख्ती के बाद कबूल लिया, लेकिन सुब्रत इस दौरान टालमटोल करता रहा. पत्नी को निर्दोष बताया और चुप्पी साधे रहा. पिता की हत्या और पत्नी की गिरफ्तारी से वह एकदम बेअसर सा दिखने की कोशिश करता रहा. ऐसे में पुलिस को संदेह है कि कोई इतना सामान्य कैसे रह सकता है. इस मामले में कहा जा रहा है कि शालू ससुर की पाबंदियों से परेशान थी. शालू का कहना था कि पति को 35 हजार वेतन व उसे 10 हजार रुपये घर के खर्च देकर एक-एक रुपये का हिसाब रखते थे. सुब्रत से भी पुलिस ने कई घंटे पूछताछ की, लेकिन वह कुछ नहीं बोला.