वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के लॉन्चिंग में क्यों हो रही देरी? रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताई वजह 

रेल मंत्रालय ने 28 अक्टूबर को आरडीएसओ को भेजे एक पत्र में 16-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को कुछ सुधारों के साथ मंजूरी दी थी.

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अश्विनी वैष्णव ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर दी बड़ी अपडेट

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है. अगर सबकुछ सही वक्त पर पूरा हुआ तो यह सेमी हाई स्पीड रेल जल्द ही यात्रियों को सफर कराने के लिए उपलब्ध हो सकती है. यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी. 

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लॉन्च में देरी क्यों?

रैल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पहली वंदे भारत ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ रेट्रोफिटिंग का काम किया जा रहा है. पूरी तरह से तैयार ट्रेन को अगले महीने लॉन्च किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि पहली रेक के परीक्षण के बाद बोगी और सीटों में कुछ छोटे सुधार सुझाए गए थे, जिन पर अब काम किया जा रहा है. ये काम जल्द ही पूरा हो जाएगा. उन्होंने कहा, “पहली रेक के ट्रायल के दौरान जो भी कमी सामने आई , हम उसको दोनों ट्रेनों में ठीक कर रहे हैं. हालांकि बदलाव मामूली हैं, लेकिन हम उन्हें बहुत महत्वपूर्ण मानकर ठीक कर रहे हैं क्योंकि हम यात्रियों को उच्च स्तर की सुविधा देना चाहते हैं. 

दिसंबर में होगी ट्रेन लॉन्च 

यात्री सुरक्षा और सुविधा पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा, "हमें शॉर्टकट पर भरोसा नहीं है, क्योंकि हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर उत्पाद बनाना चाहते हैं.” हालांकि, जब ट्रेन के रूट और लॉन्च तारीख के बारे में पूछा गया तो रेल मंत्री ने कहा, “हम दिसंबर में ट्रेन लॉन्च करेंगे.”

रेट्रोफिटिंग का काम कर रहा है BEML

दरअसल भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) 10 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें बना रहा है, उसने पुष्टि की कि पहली ट्रेन, जो एक प्रोटोटाइप है, वो व्यापक परीक्षण और ट्रायल के बाद रेट्रोफिटिंग के लिए उनके पास वापस आई है. यह परीक्षण रेलवे डिजाइन एवं मानक संगठन (RDSO) और रेलवे सेफ्टी कमिश्नर (CRS) की निगरानी में किए गए.

बीईएमएल के एक अधिकारी ने कहा, “चूंकि यह प्रोटोटाइप है, इसलिए सुरक्षा और आराम से जुड़े सभी मानकों पर ट्रेन का परीक्षण करना स्वाभाविक है. परीक्षण के बाद सुझाए गए सभी बदलावों पर काम किया जा रहा है.”

मंत्रालय ने सुझाए कई सुधार

जानकारी के अनुसार, रेल मंत्रालय ने 28 अक्टूबर को आरडीएसओ को भेजे एक पत्र में 16-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को कुछ सुधारों के साथ मंजूरी दी थी. इनमें आर्क फॉल्ट डिटेक्शन डिवाइस (आग की घटनाओं को रोकने के लिए), एसी डक्ट की नई लोकेशन, सीसीटीवी के लिए फायर-सरवाइवल केबल, यूरोपीय मानकों के मुताबिक फायर प्रोटेक्शन (EN 45545) और क्रैशवर्थिनेस (EN 15227) की थर्ड-पार्टी ऑडिट शामिल है.

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पत्र में यह भी कहा गया कि आपातकालीन अलार्म बटन और उसका संकेत बोर्ड ऊपरी बर्थ के कनेक्टर कंसोल के पीछे छिपा हुआ पाया गया, जिससे यात्रियों के लिए इमरजेंसी में इसका उपयोग करना मुश्किल है. ऐसे में भविष्य में उत्पादन होने वाली ट्रेनों में इसे अधिक सुलभ जगह लगाया जाए. 

फर्निशिंग और वर्कमैनशिप पर भी उठे सवाल

रेल मंत्रालय ने उसी दिन जारी एक अन्य पत्र में ट्रेन की फर्निशिंग और वर्कमैनशिप से जुड़े मुद्दों को भी चिन्हित किया.  गौरतलब है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कई बार लॉन्च की समयसीमा से चूक चुकी है. कुछ महीने पूर्व रेल मंत्री ने कहा था कि ट्रेन को 15 अक्टूबर तक लॉन्च किया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका.

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