गाजियाबाद : वसूली के डर से राशन कार्ड सरेंडर करने दौड़े चले आए लोग, जानें पूरा मामला

21 मई को ये कहा गया कि संशोधित शासनादेश के तहत ही कार्रवाई की जाएगी. इसमें वसूली का प्रावधान नहीं है, जो लोग सत्यापन के दौरान अपात्र पाए जाएंगे, उनके राशन कार्ड ही निरस्त होंगे. अभियान चलाकर सत्यापन कराया जाएगा. 

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राशन कार्ड मामले में वसूली के डर से दौड़े चले आ रहे लोग (प्रतीकात्मक फोटो)
नई दिल्ली:

पात्रता की सरकारी शर्तों पर खरा न उतरने पर मुफ्त का राशन पाने वालों से वसूली किए जाने के फरमान का ऐसा डर फैला है कि लोग राशन कार्ड सरेंडर करने की होड़ मची है. गाजियाबाद में महज 15 दिन के भीतर ही 6500 लोगों ने जमा करा दिए हैं. 9 मई को जिला पूर्ति अधिकारी के आदेश में 24 रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं और 32 की दर से चावल की वसूली करने को कहा गया था, इसी के चलते लोगों में राशन कार्ड वापस करने की होड़ मच गई. बीते सोमवार को जिला पूर्ति कार्यालय पर 250 लोग राशन कार्ड जमा करने पहुंचे. 

सरेंडर किए राशन कार्ड

  • खोड़ा 110, 
  • मोदीनगर 3600
  • रजापुर 600
  • डासना 1600, 
  • लोनी 60.

राशन कार्ड के अपात्र परिवार सात दिन में राशन कार्ड समर्पित कर दें, अन्यथा जब से परिवार खाद्यान्न ले रहा है, तब से 24 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं 32 की दर से चावल और चीनी, खाद्य तेल, नमक, चना नमक की वसूली बजार दर से की जाएगी. साथ ही वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी.

वसूली नहीं की जाएगी

21 मई को ये कहा गया कि संशोधित शासनादेश के तहत ही कार्रवाई की जाएगी. इसमें वसूली का प्रावधान नहीं है, जो लोग सत्यापन के दौरान अपात्र पाए जाएंगे, उनके राशन कार्ड ही निरस्त होंगे. अभियान चलाकर सत्यापन कराया जाएगा. 


ये होंगे अपात्र

आयकर दाता हो, घर में एसी, चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर या हार्वेस्टर हो, एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस हों, पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि हो, पांच केवीए या अधिक क्षमता का जेनरेटर हो, परिवार की सालाना आय गांव में दो लाख, शहर में तीन लाख हो.

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कांग्रेस की प्रतिक्रिया
 कांग्रेस ने मुफ्त राशन योजना का लाभ उठाने वाले अनधिकृत लोगों से इसकी वसूली के लिए जारी कथित शासनादेश पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से इस पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है और कहा है कि वह सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में इस मामले को जोर—शोर से उठायेगी. कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने आरोप लगाया है कि चुनावी लाभ के लिए भाजपा सरकार ने मुफ्त राशन के नाम पर गरीबों से ऐसा छल किया है, जिसकी दूसरी मिसाल नहीं हो सकती है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को विधानसभा में पार्टी ज़ोर-शोर से उठाएगी. उन्होंने सरकार से इस मसले पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग करते हुए कहा कि इस ‘शासनादेश' ने भाजपा का असली चाल, चरित्र और चेहरा एक बार फिर बेपर्दा कर दिया है.राधना ने यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के सभी नेता और खुद प्रधानमंत्री ये बार बार जताने से नहीं चूकते कि कैसे उन्होंने कोरोना काल के दौरान मुफ्त राशन बांटा, लेकिन असलियत तो यह है कि लोगों को दो जून की रोटी भी चुनावों को ध्यान में रखकर दी गई थी और अब जब चुनाव खत्म हो गया है तो लोगों के पेट पर लात मारने की तैयारी भी पूरी हो चुकी है.

(इनपुट्स भाषा से भी)

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