शिवपाल सिंह यादव : भाई मुलायम के साए में सीखी राजनीति, भतीजे अखिलेश की 'बेरुखी' से बनाई नई पार्टी

शिवपाल सिंह यादव को संगठन की राजनीति का माहिर खिलाड़ी माना जाता है. सपा में रहने के दौरान भी उनकी पुराने कार्यकर्ताओं पर मजबूत पकड़ थी.

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अखिलेश यादव की पार्टी सपा से गठबंधन को लेकर चल रही बात (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) काफी चर्चित नाम है. वह समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के छोटे भाई और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चाचा हैं. हालांकि, पार्टी के अंदर अनबन के बाद शिवपाल ने सपा से किनारा कर लिया और अपनी अलग पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) का गठन किया. शिवपाल सिंह यादव 2017 में सपा के चुनाव निशान पर इटावा की जसवंतनगर सीट से विधायक चुने गए थे. इस बार पर वह अपनी पार्टी प्रसपा के बैनर तले यहीं से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं.

शिवपाल को संगठन की राजनीति का माहिर खिलाड़ी माना जाता है. सपा में रहने के दौरान भी उनकी पुराने कार्यकर्ताओं पर मजबूत पकड़ थी. मुलायम सिंह यादव से राजनीति के दांव पेंच सीखने वाले शिवपाल मुलायम के संघर्ष के दिनों में भी उनके साथ मजबूती से खड़े रहे. उन्होंने मुलायम से राजनीति सीखी, लेकिन बाद में परिस्थितियां कुछ ऐसी बदलीं कि उनके मुलायम परिवार से संबंध बिगड़ गए. हालांकि, यूपी चुनाव 2022 से पहले एक बार फिर चाचा-भतीजे के बीच जमी बर्फ पिघलती नजर आ रही है. सपा और प्रसपा में सीटों के बंटवारे को लेकर बात चल रही है. चाचा-भतीजे का परवान चढ़कर रहा सियासी गठजोड़ 2022 के विधानसभा में कितना कमाल करता है ये तो नतीजे आने के बाद ही साफ होगा. 

शिवपाल सिंह यादव का जन्म 6 अप्रैल 1955 को इटावा जिले के सैफई में हुआ. उनके पिता सुघर सिंह साधारण किसान थे. शुरुआती पढ़ाई गांव में ही करने के बाद शिवपाल ने हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई मैनपुरी से की. ग्रेजुएशन इटावा से किया और बीपीएड लखनऊ यूनिवर्सिटी से पूरा किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद शिवपाल की शादी सरला यादव से हुई, उनके दो बच्चे हैं. बेटे का नाम आदित्य यादव और बेटी का नाम अनुभा यादव है.

शिवपाल सिंह यादव बचपन से ही सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं. शिवपाल 1994 से 1998 के दौरान यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक के अध्यक्ष बने. 1996 में वह जसवंतनगर सीट से विधानसभा का चुनाव लड़े और भारी मतों से जीते. 1996 से लेकर अब तक वह लगातार इस सीट से विधायक हैं. यूपी की मुलायम और अखिलेश सरकार में शिवपाल ने कई अहम मंत्रालयों का जिम्मा संभाला. 

2009 में वह सपा के प्रदेश अध्यक्ष बने और मायावती के शासन में उन्होंने यूपी विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई. 2012 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में आई सपा सरकार में शिवपाल के पास कई अहम मंत्रालयों का जिम्मा था.  बाद में शिवपाल के अपने भतीजे अखिलेश यादव से गहरे मतभेद हो गए और उन्होंने नई पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया. 28 सितंबर 2018 को उन्होंने अपनी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की घोषणा कर दी. 

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