उद्धव ठाकरे के दिल्ली दौरे की महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में खूब हो रही चर्चा 

संजय राउत ने सफाई देते हुए कहा कि राहुल गांधी और उनके परिवार ने उद्धव ठाकरे के परिवार से मुलाकात की. प्रजेंटेशन भाजपा की वोट चोरी के बारे में था. हम पीछे बैठे थे, क्योंकि आगे से देखना थोड़ा मुश्किल था.

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  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे को आखिरी पंक्ति में बैठाए जाने पर तीखा हमला किया.
  • उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के अपमान पर प्रतिक्रिया न देने की बात कही.
  • संजय राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे तकनीकी मामलों में थोड़े माहिर हैं, इसलिए पीछे बैठे.
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राहुल गांधी के आवास पर हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में उद्धव ठाकरे, ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत और ठाकरे गुट के नेता आदित्य ठाकरे मौजूद थे. इस बैठक के दौरान राहुल गांधी ने मतदाता सूची और चुनाव आयोग में व्याप्त गड़बड़ी को लेकर एक प्रेजेंटेशन दिया. इसकी कुछ तस्वीरें भी सामने आईं हैं. इस तस्वीर में संजय राउत, आदित्य ठाकरे के साथ उद्धव ठाकरे आखिरी पंक्ति में बैठे नजर आ रहे हैं. इसी को लेकर शिवसेना शिंदे गुट और भाजपा ने उद्धव ठाकरे को आड़े हाथों लिया है.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है. राहुल गांधी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे को आखिरी पंक्ति पर बिताए जाने को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जब वो (उद्धव ठाकरे) हमारे साथ थे, हमेशा पहली पंक्ति में थे, हमने उन्हें अपने आगे रखा था.. वहां उनका क्या सम्मान है, ये अब समझा जा सकता है.. अपने भाषणों में वो कहते थे, दिल्ली के सामने झुकेंगे नहीं.. दिल्ली के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेंगे.. दिल्ली में उनकी क्या स्थिति है, अब जब वो सत्ता में नहीं हैं.. ये दुखद और पीड़ादायक है.

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने क्या कहा?

एकनाथ शिंदे ने कहा, "अगर उन्हें (उद्धव ठाकरे) इस बारे में कुछ नहीं लगता, तो मैं इस पर क्या प्रतिक्रिया दूंगा? दरअसल, अगर जिन लोगों का अपमान हुआ, उन्हें इस बारे में कुछ नहीं लगता, तो मैं इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता. जब वे अपने स्वाभिमान पर कलंक लगाते हैं, जब वे बाला साहेब ठाकरे के विचारों को त्यागकर बेच देते हैं, तो उन्हें इस बारे में कुछ नहीं लगता. इसलिए कांग्रेस ने उन्हें उनकी जगह दिखा दी होगी." 

सुप्रिया सुले ने उद्धव ठाकरे का बचाव करते हुए कहा कि सत्ताधारी नेताओं के आरोप हास्यास्पद हैं, क्योंकि यह एक अनौपचारिक मिलन समारोह था. यहां पवार साहब भी पीछे बैठे थे, अखिलेश यादव दूसरी पंक्ति में थे. यह कोई प्रोटोकॉल कार्यक्रम नहीं था, परिवार के साथ भोजन का निमंत्रण था. इसलिए, जहां भी बैठने की जगह मिली, वे वहीं बैठ गए.

पूरे घटनाक्रम पर ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने सफाई देते हुए कहा कि राहुल गांधी और उनके परिवार ने उद्धव ठाकरे के परिवार से मुलाकात की. प्रजेंटेशन भाजपा की वोट चोरी के बारे में था. हम पीछे बैठे थे, क्योंकि आगे से देखना थोड़ा मुश्किल था. प्रमुख नेताओं को आगे बैठाया गया था. उद्धव ठाकरे तकनीकी मामलों में थोड़े माहिर हैं, इसलिए वे पीछे आए, क्योंकि वहां से दिखाई नहीं देता.

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