- तेलंगाना के नलगोंडा में स्कूल प्रिंसिपल रूपा रेड्डी की हत्या 16 साल के दो छात्रों ने की थी
- हत्या के पीछे लूट का मकसद था, जिसके लिए छात्रों ने चाकू और दस्ताने खरीदे थे
- पुलिस को हत्या के मामले में अहम सुराग प्रिंसिपल की लास्ट कॉल में 'बाबू' शब्द से मिला
तेलंगाना के नलगोंडा में महिला स्कूल प्रिंसिपल की हत्या के मामले को पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार सुलझा लिया. मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस जांच में पता चला है कि स्कूल के ही 10वीं क्लास के दो छात्रों पैसों के लिए प्रिंसिपल की हत्या की खौफनाक साजिश रच डाली. प्रिंसिपल रूपा रेड्डी की हत्या उनके घर पर की गई थी. आरोपियों ने उनको 27 बार चाकू भी घोंपा था.
'बाबू' शब्द ने सुलझाया हत्या का केस
पुलिस को इस हत्याकांड में अहम सुराग बाबू शब्द से मिला. हमले से ठीक पहले उनकी फोन पर हुई आखिरी कॉल में बाबू शब्द सुनकर पुलिस को मामले की तह तक पहुंचने में मदद मिली. उन्होंने कॉल पर आखिरी शब्द बाबू बोला था. पुलिस के मुताबिक रूपा रेड्डी अक्सर अपने छात्रों को बाबू कहकर बुलाती थीं. ये शब्द सुनकर जांचकर्ताओं का ध्यान स्कूल की ओर गया.
16 साल के दो छात्र निकले मास्टरमाइंड
मामले की जांच के लिए पांच स्पेशल टीमें बनाई गईं. जिन्होंने CCTV, फॉरेंसिक और तकनीकी सबूतों की जांच की. उन्होंने 80 से ज्यादा लोगों से पूछताछ भी की. आखिरकार पुलिस उन छात्रों तक पहुंच ही गई जिन्होंने प्रिंसिपल की हत्या की खौफनाक साजिश रची थी. इस मामले में 16 साल के दो छात्रों को हिरासत में लिया गया है.
लूट के इरादे से की प्रिंसिपल की हत्या
पुलिस जांच के मुताबिक, 16 साल के दो छात्रों ने लूट की योजना बनाई. उन्होंने इस काम के लिए चाकू और दस्ताने खरीदे. फिर वह घर से निकल पड़े. प्रिंसिपल के घर से कैश लेकर भागने से पहले लड़कों ने उन पर हमला कर दिया.
500-500 के नोटों पर थे खून के धब्बे
पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.54 लाख रुपये, एक आईफोन, चाकू, दस्ताने, मास्क और मोबाइल फोन बरामद किए हैं. पुलिस को 500 रुपये के तीन नोटों पर खून के धब्बे भी मिले हैं. माना जा रहा है कि ऐसा हो सकता है कि लूट के दौरान प्रिंसिपल ने लड़को को रोकने की कोशिश की होगी. इसी दौरान लड़कों ने उसको चाकू घोंप दिया होगा. इसी वजह से खून उनके हाथों में मौजूद नोटों पर भी लग गया. नलगोंडा के एसपी शरथ चंद्र पवार का कहना है कि वैज्ञानिक सबूतों और टेक्नोलॉजी की मदद से इस मामले को सुलझाया गया है.