प्रवर्तन निदेशायल (ईडी) ने सोना पप्पू केस में 2 लोगों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है. ये समन हावड़ा के ज्वॉइंट कमिश्नर गौरव लाल और भूमाफिया जॉय कामदार को जारी किया गया है. दोनों को सोमवार को कोलकाता में ईडी दफ्तर में पूछताछ के लिए बुलाया गया है. सोना पप्पू कोलकाता का एक हिस्ट्रीशीटर है, जिसके यहां हाल ही में ईडी ने छापेमारी की थी. छापेमारी में एक पिस्टल, लग्जरी करें और भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ था.
1.47 करोड़ रुपए की नकदी, लाखों के गहने
इस मामले में कई टीएमसी नेताओं की भूमिका भी सामने आ रही है और वो जांच के दायरे में हैं. ईडी ने गुरुवार को एक बयान में बताया कि कोलकाता जोनल ऑफिस ने हाल ही में बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू, जय एस. कामदार और अन्य से जुड़े एक मामले में कोलकाता भर में आठ जगहों पर तलाशी अभियान चलाया. तलाशी के दौरान, लगभग 1.47 करोड़ रुपए की नकदी, लगभग 67.64 लाख रुपए के सोने के गहने और चांदी, साथ ही कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए. तलाशी के दौरान एक फॉर्च्यूनर गाड़ी भी जब्त की गई, जिसका इस्तेमाल बिस्वजीत पॉडर उर्फ सोना पप्पू करता था. इसके अलावा, दक्षिण कोलकाता के फ़र्न रोड स्थित बिस्वजीत पॉडर के घर से एक रिवॉल्वर बरामद की गई, जिस पर 'मेड इन यूएसए' लिखा हुआ था.
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सोना पप्पू पर इन धाराओं में मामले दर्ज
ईडी ने बताया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और निडर चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में प्रवर्तन निदेशालय के योगदान के तौर पर, इसे पश्चिम बंगाल पुलिस विभाग को सौंप दिया गया. प्रवर्तन निदेशालय ने सोना पप्पू और अन्य लोगों के खिलाफ जांच शुरू की है. यह जांच पश्चिम बंगाल पुलिस/कोलकाता पुलिस की ओर से भारतीय दंड संहिता, 1860 और शस्त्र अधिनियम, 1959 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर की जा रही है. इन लोगों पर दंगा करने, हत्या का प्रयास करने, आपराधिक साजिश रचने और शस्त्र अधिनियम का उल्लंघन करने का आरोप है.
सोना पप्पू सहित ये आरोपी व्यक्ति पश्चिम बंगाल राज्य में संगठित आपराधिक गिरोह की गतिविधियों में शामिल थे और उन्होंने गिरोह के संचालन के माध्यम से अवैध रूप से भारी मात्रा में धन कमाया. सोना पप्पू दक्षिण कोलकाता के गोलपार्क के पास कंकुलिया रोड पर हुई हिंसा के एक मामले में भी पुलिस की ओर से वांटेड है और फिलहाल फरार है. प्रवर्तन निदेशालय ने सोना पप्पू को समन भी जारी किया है. हालांकि, वह अब तक जांच में शामिल नहीं हुआ है.
सोना पप्पू पर करोड़ों रुपये के गबन का आरोप
प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ईडी की जांच में अब तक यह पता चला है कि अपराध से हासिल पैसा गैर-कानूनी गतिविधियों से कमाया गया था. इन गतिविधियों में जबरन वसूली, रियल एस्टेट प्रॉपर्टी पर कब्जा करना और सोना पप्पू और उसके साथियों की ओर से कंट्रोल की जाने वाली संस्थाओं के जरिए बिना इजाजत के बिल्डिंग बनाना शामिल है. इस बीच, ईडी के कोलकाता जोनल ऑफिस ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के तहत, साउथ पॉइंट एजुकेशन सोसाइटी से 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम के गबन के मामले में चल रही जांच के सिलसिले में, कृष्णा दमानी, उसके परिवार के सदस्यों और उसके कंट्रोल वाली संस्थाओं से जुड़ी 18.50 करोड़ रुपये की चल संपत्ति (म्यूचुअल फंड और शेयर के रूप में) को अस्थायी तौर पर जब्त कर लिया है.
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