- राजकोट ग्रामीण के शापर-वेरावल में महिला के कपड़े पहने एक युवक का शव मिला था, जिससे हत्या का मामला सामने आया
- मृतक ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर झूठी लड़की की पहचान बनाकर आरोपी से दोस्ती की थी
- आरोपी ने चंदन को अपनी पत्नी मान लिया था, लेकिन बाद में पता चला कि वह पुरुष था
सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती कैसे एक क्रूर हत्या में तब्दील हो सकती है, इसका एक चौंकाने वाला मामला राजकोट ग्रामीण के शापर-वेरावल से सामने आया है. फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लड़की के रूप में झूठी पहचान देकर एक युवक से शादी करने और बाद में सामने वाले व्यक्ति के समलैंगिक (गे) होने का खुलासा होने पर तीन साल से चल रहा विवाद आखिरकार खूनी खेल में बदल गया. राजकोट ग्रामीण पुलिस ने गिनती के दिनों में ही इस अंधे कत्ल का रहस्य सुलझाकर उत्तर प्रदेश के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
महिला के कपड़े पहने मिला था युवक का शव
बीते 25 जून को शापर-वेरावल के पास मस्कत फाटक के पास रेलवे की दीवार के नजदीक महिला के कपड़े पहने हुए एक अज्ञात व्यक्ति का सड़ा-गला शव मिला था. प्राथमिक तौर पर पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया था, लेकिन फोरेंसिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोटें पाए जाने के बाद यह साफ हो गया कि यह मामला हत्या का है. जिला पुलिस प्रमुख के निर्देश पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, टेक्निकल सर्विलांस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर जांच तेज की और उत्तर प्रदेश के 20 वर्षीय आरोपी पीयूष कुमार खरवार को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पूरी घटना से पर्दा उठ गया.
पुलिस जांच में जो जानकारियां सामने आई हैं, वे किसी फिल्मी कहानी को भी मात देने वाली हैं.
फेक आईडी से दोस्ती
हैदराबाद में रहने के दौरान पीयूष का संपर्क फेसबुक पर 'निशा कुमार' और इंस्टाग्राम पर 'पूनम' नाम की आईडी चलाने वाले चंदन कुमार से हुआ था. चंदन ने खुद को लड़की बताकर पीयूष का भरोसा जीता था. दोनों साथ रहने लगे थे. धार्मिक मन्नत का बहाना बनाकर चंदन शारीरिक संबंधों से दूरी बनाए रखता था. इस बीच पीयूष ने चंदन की मांग में सिंदूर भरकर उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया था.
शेविंग करते पकड़ा गया
एक दिन चंदन को शेविंग करते देख पीयूष के पैरों तले जमीन खिसक गई. उसे पता चला कि जिसे वह अपनी पत्नी मान रहा है, वह लड़की नहीं बल्कि एक पुरुष है और समलैंगिक संबंधों में रुचि रखता है. इसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया. पीयूष रोजगार के लिए जहां भी जाता, चंदन भी उसके पीछे-पीछे वहां पहुंच जाता था. हैदराबाद से यूपी, राजस्थान और आखिरकार राजकोट के पडवला तक यह विवाद खिंचता चला गया. 21 जून को पडवला स्थित एक कारखाने में दोनों के बीच फिर से तीखी बहस हुई. गुस्से में आकर आरोपी पीयूष चंदन को रेलवे ट्रैक के पास एक सुनसान जगह पर ले गया और बड़े पत्थरों से उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर वार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी. अपना पाप छिपाने के लिए उसने लाश को पत्थरों से ढक दिया और खुद सामान्य रूप से कारखाने में काम पर लौट गया.
फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस (BNS) धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
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