सांसद शशि थरूर बुधवार को संसद परिसर की सीढ़ियों पर फोन पर बात करते हुए फिसल गए, जिसके कारण आज थरूर व्हीलचेयर पर पार्लियामेंट पहुंचे. थरूर ने चोट के बारे में कहा कि उन्हें हेयरलाइन फ्रैक्चर हुआ है. दर्द है और ठीक होने में चार से छह हफ्ते लगेंगे. कुछ समय व्हीलचेयर पर ही संसद आना पड़ेगा. जब उनसे पूछा गया कि क्या नजर लग गई है तो इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कहीं ना कहीं तो नजर तो लगी है. मैं अपना काम करता रहूंगा. केरल चुनाव तो अप्रैल में होगा.
बता दें कि बुधवार की हुई इस घटना में शशि थरूर को अखिलेश ने संभाला और दोनों के बीच थोड़ी-सी बातचीत भी हुई. इसके बाद अखिलेश यादव थरूर का हाथ पकड़कर कुछ सीढ़ियों से उतरते दिखाई दिए. इसके बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर कई लोगों ने चिंता व्यक्त की थी. अब इस वीडियो को खुद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर शेयर किया.
शशि थरूर ने एक्स पर लिखा था कि जिस दीए को तूफां में जलना होगा, उसे संभल‑संभल के चलना होगा. मैं ठीक हूं. थरूर के इस बयान के अब राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं.
बता दें कि बुधवार को संसद भवन में हुई एक और घटना की दिनभर चर्चा रही. संसद परिसर में बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच नोकझोंक हो गई. विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि चिंता मत करो, तुम वापस आओगे. इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहा हालांकि राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री से हाथ मिलाने के लिए हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन बिना हाथ मिलाए रवनीत सिंह बिट्टू चले गए. इस पूरे मामले को लेकर भाजपा राहुल गांधी पर हमलावर है. बिट्टू को गद्दार कहे जाने पर दिल्ली के सात भाजपा सांसदों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान को निंदनीय करार दिया है. भाजपा सांसदों का दावा है कि राहुल गांधी ने सिख समुदाय की अस्मिता पर सीधा प्रहार किया है.














