- मध्य प्रदेश सरकार ने सिवनी-बालाघाट फोरलेन हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है.
- यह हाईवे मध्य प्रदेश की महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा.
- जबलपुर, गोंदिया, नागपुर, रायपुर जैसे बड़े शहरों को भी इसका लाभ होगा.
मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी अब और मजबूत होने वाली है. क्योंकि एमपी सरकार ने सिवनी-बालाघाट फोरलेन हाईवे को मंजूरी दे दी है. जिसका सबसे ज्यादा फायदा जबलपुर को होने वाला है. क्योंकि जबलपुर, गोंदिया, नागपुर, रायपुर और राजनांदगांव जैसे बड़े शहरों की कनेक्टिविटी और मजबूत होने वाली है. यह एक तरह का मध्य भारत का एक प्रमुख व्यापारिक कॉरिडोर भी है, जिससे न केवल तीन राज्य मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी, बल्कि इससे यात्रियों के साथ-साथ मालवाहकों को भी बड़ा फायदा होगा. यह फोरलेन हाईवे हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत बनाया जाएगा, क्योंकि इसका बड़ा हिस्सा जंगल से होकर गुजरेगा.
2 घंटे में जबलपुर से गोंदिया
सिवनी बालाघाट फोरलेन हाईवे का बड़ा फायदा जबलपुर को होगा. भले ही यह सीधे जबलपुर से नहीं गुजेरगा, लेकिन यह एक वैकल्पिक मार्ग के तौर पर काम करेगा. वर्तमान में जबलपुर से सिवनी होकर बालाघाट और फिर महाराष्ट्र के गोंदिया तक का सफर में 4 से 5 घंटे तक का समय लग जाता है. क्योंकि घुमावदार टू-लेन सड़क की वजह से वाहनों की स्पीड सीमित रहती है, लेकिन सिवनी-बालाघाट फोरलेन बनने के बाद समय दोनों शहरों की 270 किलोमीटर की दूरी 2 से 3 घंटे के बीच में पूरी कर ली जाएगी.
एमपी सरकार ने दी मंजूरी
एमपी सरकार ने सिवनी-बालाघाट फोरलेन हाईवे को मंजूरी दे दी है. हाल ही में 25 अगस्त को सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है. जहां 3960.09 करोड़ के भारी-भरकम बजट के साथ 91.64 किलोमीटर लंबा यह हाईवे तैयार किया जाएगा. यह जानकारी एमपी के पीडबल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने दी है. ऐसे में अब इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू होने के आसार हैं. जिससे एमपी के रोड प्रोजेक्ट को और मजबूती मिलेगी.
महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ से कनेक्टिविटी
- महाराष्ट्र: सिवनी-बालाघाट फोरलेन सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग-543 और NH-543K के जरिए महाराष्ट्र से कनेक्ट हो जाएगा. यह गोंदिया, नागपुर और भंडारा शहरों को जोड़ेगा.
- छत्तीसगढ़: बालाघाट से आगे बढ़ते हुए यह मार्ग छत्तीसगढ़ की सीमा को छूते हुए रायपुर, कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा जैसे शहरों के लिए एक लाइफलाइन साबित होगा.
रायपुर और नागपुर जाने में फायदा
यह कॉरिडोर NH-44 जो सागर-नागपुर हाईवे का हिस्सा है, उससे सीधा जुड़ जाएगा. ऐसे में सिवनी से नागपुर जाने वाले या नागपुर से छत्तीसगढ़ जाने वाले वाहनों को एक वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा. क्योंकि यह सुरक्षित 'पक्की शोल्डर' वाला 4-लेन का बाईपास और हाईवे शानदार होगा. इसी तरह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और मध्य प्रदेश के बीच की दूरी को पाटने के लिए यह सबसे सुगम और एक्सप्रेस कॉरिडोर बनकर उभरेगा. जिससे सिवनी-बालाघाट फोरलेन हाईवे बालाघाट से आगे जाकर रायपुर तक शानदार कनेक्टिविटी देगा.
यह बड़े शहर होंगे कनेक्ट
- सिवनी
- बालाघाट
- जबलपुर
- गोंदिया
- नागपुर
- भंडारा
- रायपुर
- राजनांदगांव
पर्यटन को भी फायदा
मध्य प्रदेश का यह प्रोजेक्ट एक तरह से गोल कॉरिडोर का काम करेगा. जो मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ को आपस में जोड़ देगा. लगभग 8 से 10 लाख लोग इस प्रोजेक्ट से फायदे में आएंगे. भेड़ाघाट, कान्हा और पेंच टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह सड़क फायदेमंद होगी. इसलिए यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश के रोड प्रोजेक्ट में अहम माना जा रहा है. कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इस पर पर जल्द काम शुरू होगा.
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