भागवत बोले-छात्र सलमान खान की नकल करते हैं, लेकिन उनके पास कोई तर्क नहीं होता

'संघ की 100 साल की यात्रा: नए क्षितिज' शीर्षक से दो दिवसीय व्याख्यान शृंखला के पहले दिन अपने संबोधन में संघ प्रमुख मोहलन भागवत ने सलमान खान और उनके फैशन सेंस का का जिक्र किया, जिसे बिना किसी तर्क के फॉलो किया जाता है. इस दौरान मेहमानों की कतार में बैठे सलमान भी मुस्करा रहे थे.

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मोहन भागवत ने किया सलमान खान का जिक्र.
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  • RSS के शताब्दी समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बिना विरोध किए देश के लिए काम करने पर जोर दिया
  • भागवत ने कहा कि समाज फैशन से चलता है और सिनेमा के सितारों के फैशन का अनुकरण विद्यार्थी बिना तर्क के करते हैं
  • संघ प्रमुख ने अच्छे आदर्शों का पालन करने और शिवाजी महाराज के नक्शेकदम पर चलने की प्रेरणा दी
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मुंबई:

एक्टर सलमान खान शनिवार को मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत के भाषण को बहुत ही ध्यान से सुन रहे थे. जिसमें भागवत ने इस बात पर जोर दिया कि संघ किसी का विरोध किए बिना देश के लिए काम करता है, राष्ट्रीय एकता पर ध्यान केंद्रित करता है और सत्ता की लालसा किए बिना कार्य करता है. इसके लिए उन्होंने छात्रों के फैशन का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि छात्र बिना किसी तर्क के फैशन को फॉलो करते हैं. मोहन भागवत ने कहा कि समाज फैशन से चलता है. सिनेमा में सलमान खान क्या पहनते हैं, कॉलेज के विद्यार्थी वैसा ही पहनते हैं. सलमान के फैशन को क्यों फॉलो कर रहे हैं, इसके पीछे उनके पास कोई तर्क नहीं होता.

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जब उनसे पूछा जाता है कि क्यों पहना है तो कहते हैं कि सलमान ने पहना है इसीलिए. जब पूछा जाता है कि उन्होंने क्यों पहना है तो कहते हैं मालूम नहीं. संघ प्रमुख ने कहा कि सभी बातों में ऐसा है. अच्छी हो या बुरी. समाज फैशन से चलता है. फैशन उत्पन्न करने वाले लोग समाज के विश्वासपात्र, श्रेष्ण, कीर्तिमान लोग होते हैं, जिनको अपनी भाषा में महाजन कहा जाता है. भागवत जब ये बात कह रहे थे तब मेहमानों की कतार में बैठ सलमान उनको बहुत ही ध्यान से सुनते हुए मुस्करा रहे थे.

हमारे आदर्श बहुत हैं, उसकी कमी नहीं

इस दौरान संघ प्रमुख ने एक श्लोक भी सुनाया. जिसका मतलब था कि सामान्य आदमी पर कोई विश्वास नहीं करता. लोग उन पर विश्वास करते हैं जो  उनको अच्छे लगते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा होना चाहिए, उनको जो लोग भी अच्छे लगते हैं उनको फॉलो करना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारे आदर्श बहुत हैं, उसकी कमी नहीं है.

हम शिवाजी के नक्शे कदम पर चल सकते हैं

इसके साथ ही अंग्रेजी के वाक्य Ideals are like stars which we can never reach  का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा हम शिवाजी हो नहीं सकते लेकिन शिवाजी महाराज के नक्शे कदम पर चल सकते हैं. लेकिन शिवाजी महाराज के चरित्र के प्रकाश में जब वो नक्शा कदम उजागर हो जाता है तो उसमें भी कांटे हैं रास्ता आसान नहीं है.

सलमान खान ने भागवत को ध्यान से सुना

बता दें कि शनिवार को मुंबई के वर्ली क्षेत्र के नेहरू सेंटर में 'संघ की 100 साल की यात्रा: नए क्षितिज' शीर्षक से दो दिवसीय व्याख्यान शृंखला का पहला दिन था. जैसे ही सलमान खान कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अपने स्मार्टफोन से उनकी तस्वीरें खींचने की कोशिश की. दो दिवसीय इस कार्यक्रम का उद्देश्य आरएसएस की यात्रा, समाज में इसकी भूमिका और इसके भविष्य को आकार देने वाले विचारों और दृष्टिकोणों पर चिंतन करना है. संघ के व्यापक शताब्दी अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में आरएसएस के वरिष्ठ नेता और आमंत्रित वक्ता आम जनता के साथ चर्चा के लिए एकत्रित हुए.
 

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