राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रांत प्रचारक बैठक का रविवार को समापन हो गया. संघ की इस प्रमुख बैठक में भी राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठा. बैठक में उपस्थित संघ के नेताओं ने चोरी पर दुख जताया और कहा कि हमें उम्मीद है कि इस मामले में चल रही एसआईटी की जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी. आरएसएस के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि तीर्थ क्षेत्र न्यास से यह अपेक्षा की गई कि वह यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो, जिससे समस्त राम भक्तों की राम मंदिर के प्रति श्रद्धा और गहरी आस्था पर आघात हो.
राम मंदिर के अलावा मीटिंग में देश के कुछ इलाकों में बदलती डेमोग्रेफी पर भी बात की गई. इसके अलावा ड्रग्स के बढ़ते दुष्प्रभाव पर चिंता जाहिर की गई. आरएसएस ने संत रविदास के 650वें जयंती वर्ष पर भी विभिन्न आयोजन करने का फैसला लिया है. संगठन से दलितों को जोड़ने की कोशिश के लिए इसे अहम माना जा रहा है. मीटिंग में चर्चा हुई कि कैसे संत रविदास की जयंती से जुड़े आयोजन किए जाएं. इस मीटिंग में संघ प्रमुख मोहन भागवत, सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले समेत 226 विभिन्न पदाधिकारी मौजूद थे. बैठक में मार्च 2026 के बाद संघ के विभिन्न स्तरों पर संपन्न हुए प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा की गई.
इस वर्ष देशभर में कुल 83 संघ शिक्षा वर्ग और 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग संपन्न हुए, जिसमें कुल 18842 स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया. इनमें शाखा संचालन, संघ कार्यपद्धति, ग्राम विकास, कुटुम्ब प्रबोधन, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण जैसे विषय सम्मिलित थे.
शाखाओं के स्तर पर कार्ययोजना के क्रियान्वयन की दृष्टि से विस्तार से चर्चा की गई और सितम्बर मास में अधिकतम शाखा विस्तार योजना पर भी चर्चा की गई. साथ में शताब्दी वर्ष के संपन्न हुए कार्यक्रमों की समीक्षा तथा निर्धारित शेष कार्यक्रमों की योजना पर भी विचार किया गया. शताब्दी वर्ष के विभिन्न कार्यक्रमों में सम्पर्क में आए लोगों को सामाजिक कार्यों और पंच परिवर्तन के विषयों में सक्रिय करने की योजना पर विचार हुआ. पूजनीय सरसंघचालक जी की वर्ष 2026-27 की प्रवास योजना पर भी चर्चा की गई.