स्मार्ट कोच के साथ चलेगी राजधानी एक्सप्रेस, 5 फीसदी किराया भी बढ़ा

नई ट्रेन में यात्री सुरक्षा और आराम को बढ़ाने के लिए विशेष स्मार्ट फीचर्स होंगे.

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इसका परिचालन सोमवार को पहली बार किया गया.
नई दिल्ली:

मुंबई राजधानी एक्सप्रेस अब अपग्रेडेट तेजस कोच के साथ चलेगी. मुंबई-दिल्ली राजधानी स्पेशल एक्सप्रेस के मौजूदा रेक को नए तेजस टाइप स्लीपर कोच के साथ बदला गया है. नई ट्रेन में यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विशेष स्मार्ट फीचर्स होंगे. इंटेलिजेंट सेंसर आधारित सुविधाएं होंगी जिसमें सीसीटीवी रिकार्डिंग, पैनिक स्विच, आग का पता लगाने वाले अलार्म सिस्टम, वायु गुणवत्ता, पानी की उपलब्धता सेंसर आदि लगा है. इन सुविधाओं के साथ इसके किराये में भी पांच फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. 

इस नये आकर्षक रेक का परिचालन सोमवार को पहली बार किया गया. ऐसे दो तेजस टाइप स्लीपर कोच रेक राजधानी एक्सप्रेस के रूप में चलाने के लिए तैयार किये गये हैं. इन दो रेकों में से एक रेक में विशेष तेजस स्मार्ट स्लीपर कोच शामिल हैं, जो भारतीय रेलवे में शुरू होने वाला अपनी तरह का पहला कोच है. नई ट्रेन में यात्री सुरक्षा और आराम को बढ़ाने के लिए विशेष स्मार्ट फीचर्स होंगे. स्मार्ट कोच का उद्देश्य इंटेलिजेंट सेंसर-आधारित सिस्टम की मदद से यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है.

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ये होंगी खासियत
- हर कोच में दो LCD लगे होंगे, जिस पर यात्रियों को यात्रा सम्बंधी अहम जानकारी जैसे अगला स्टेशन, दूरी, आगमन का अपेक्षित समय, देरी और सुरक्षा सम्बंधी मैसेज दिखेंग.
- फ्लैश टाइप LED डिजिटल डेस्टिनेशन बोर्ड. हर कोच पर प्रदर्शित डेटा को दो पंक्तियों में विभाजित करके स्थापित किया गया है. पहली पंक्ति ट्रेन संख्या और कोच प्रकार बताएगी, जबकि दूसरी पंक्ति गंतव्य और मध्यवर्ती स्टेशन के स्क्रॉलिंग टेक्स्ट को कई भाषाओं में दिखाएगी.
- हर कोच में छह कैमरे लगे हैं, जो लाइव रिकॉर्डिंग करते हैं. दिन-रात विजन वाले सीसीटीवी कैमरे, कम रोशनी की स्थिति में भी चेहरे की पहचान, नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर लगाये गये हैं.
- सभी मुख्य प्रवेश द्वार गार्ड द्वारा केंद्रीकृत नियंत्रित हैं. जब तक सभी दरवाजे बंद नहीं हो जाते तब तक ट्रेन शुरू नहीं होती है.
- सभी कोचों में ऑटोमैटिक फायर अलार्म और डिटेक्शन सिस्टम लगाये गये हैं. पेंट्री और पावर कारों में आग लगने का पता चलने पर स्वचालित अग्निशमन प्रणाली काम शुरू कर देती है.
- आपातकालीन चिकित्सा या सुरक्षा जैसी आपात स्थिति में टॉक बैक पर बात की जा सकती है.
- एंटी-ग्रैफिटी कोटिंग, जेल कोटेड शेल्फ, नए डिजाइन का डस्टबिन, डोर लैच एक्टिवेटेड लाइट, एंगेजमेंट डिस्प्ले के साथ लगाये गये हैं.
- हर कोच में शौचालय ऑक्‍यूपेंसी को स्वचालित रूप से प्रदर्शित किया जाता है.
- किसी भी आपात स्थिति के लिए पैनिक बटन को हर शौचालय में लगाया गया है.
- हर कोच में दो टॉयलेट एनुसिएशन सेंसर इंटीग्रेशन लगे हैं, जो उपयोग के समय 'शौचालयों में क्या करें और क्या न करें' की घोषणा को प्रसारित करेंगे.
- बेहतर फ्लशिंग के कारण शौचालय में बेहतर स्वच्छता की स्थिति प्रदान करता है और प्रति फ्लश पानी भी बचाता है.
- पूरा अंडर-फ्रेम ऑस्टेनिटिक स्टेनलेस स्टील (एसएस 201 एलएन) का है जो कम जंग के कारण कोच के जीवन को बढ़ाता है.
 

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