राजस्थान की खाटूश्याम जी नगर पालिका में देवरानी-जेठानी के फेर ने बदले सियासी समीकरण, कांग्रेस बना ले गई बोर्ड 

इस मामले पर कोर्ट ने गुरुवार को 19 मतों के आधार पर ही पालिका अध्यक्ष के पद का फैसला करने के निर्देश दिए थे. इसी आधार पर खाटूश्याम जी नगर पालिका में मतगणना हुई.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
खाटूश्याम जी नगर पालिका में 20 वार्ड होने बाद भी 19 पर ही मत हुआ है.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • खाटूश्याम जी नगरपालिका में भाजपा और कांग्रेस दोनों के पास बराबर आठ-आठ पार्षद थे, चुनाव मुकाबला कड़ा था
  • कांग्रेस को निर्दलीय और आरएलपी पार्षद का समर्थन मिला जिससे उसके पास कुल नौ पार्षद हो गए थे
  • वार्ड दस की कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी के लापता होने से चुनाव प्रक्रिया स्थगित हो गई थी

राजस्थान में निकाय चुनावों में रोचक मुकाबला देखने को मिल रहा है. पार्षद के चुनाव परिणाम आते ही दोनों ही पार्टियां बोर्ड बनाने के लिए बाड़ेबंदी में जुट गए. इसी बीच राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्याम जी में सबसे रोचक नजारा देखने को मिला. खाटूश्याम जी नगरपालिका में भाजपा और कांग्रेस दोनों बराबर सीट पर थे. आज हुई मतगणना के बाद कांग्रेस की विनीता पूनिया खाटूश्याम जी नगर पालिका अध्यक्ष बनी है. लेकिन नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव सियासी गलियारों से लेकर अदालत तक चर्चा का विषय रहा. 

बराबरी पर था दोनों दलों का गणित

खाटूश्याम जी नगर पालिका में 20 वार्ड है. भाजपा और कांग्रेस के पास इनमें से 8 - 8 पार्षद थे. 3 निर्दलीय और 1 पार्षद आरएलपी का था. ऐसे में नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 11 था. कांग्रेस को आरएलपी के एक पार्षद का समर्थन मिल चुका था, ऐसे में उनके पास कुल 9 पार्षद थे. कांग्रेस ने विनीता पूनिया और भाजपा की ओर से प्रेम देवी को अध्यक्ष पद का दावेदार बनाया गया.

लक्ष्मी देवी के लापता होने से बदला समीकरण

लेकिन सारा खेल 21 सितंबर को हुआ. इस दिन नगर पालिका अध्यक्ष के चयन के लिए मतदान होना था. इसी बीच वार्ड 10 से कांग्रेस की पार्षद लक्ष्मी देवी के लापता होने की बात सामने आई. लक्ष्मी देवी के पति हरलाल ने अपनी पत्नी के लापता होने और अपहरण की शिकायत दर्ज करवाई. भाजपा और परिजनों ने पार्षद को ढूंढ कर लाने की मांग की. इसी आधार पर भाजपा ने चुनाव स्थगित करने की मांग की. 

देवरानी-जेठानी का रिश्ता बना चर्चा 

दरअसल, लक्ष्मी देवी और प्रेम देवी रिश्ते में देवरानी-जेठानी लगती है. भाजपा इसी रिश्ते के आधार पर लक्ष्मी देवी का मत अपने हिस्से में गिरवाना चाहती थी. लक्ष्मी देवी और उनका परिवार लंबे समय से कांग्रेस के साथ है. जानकारी के मुताबिक, मतदान से पहले ही लक्ष्मी देवी पीहर चली गई थी. वहीं, भाजपा लक्ष्मी के ससुराल वालों से संपर्क करके उनका मत अपने खाते में गिरवाने की बातचीत कर रही थी. 

Advertisement

इसी सब में 21 सितंबर को वे मतदान करने नहीं पहुंची तो भाजपा ने चुनाव स्थगित करने की मांग की. भारतीय जनता पार्टी और परिजनों की मांग के आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया को स्थगित करते हुए, 25 सितंबर को चुनाव प्रक्रिया करवाने का आदेश दिया. 

हाईकोर्ट पहुंचा मामला

इसके बाद कांग्रेस उम्मीदवार विनीता पूनिया राज्य निर्वाचन आयोग के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची. हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता विनीता चौहान की ओर से एडवोकेट बहादुर सिंह ने बताया कि चुनाव में शत प्रतिशत मतदान जरूरी नहीं है. पार्षद लक्ष्मी देवी के पति द्वारा एक शिकायत पुलिस को दी गई है कि उनकी पत्नी का अपहरण हो गया है. लेकिन केवल शिकायत के आधार पर इसे नहीं मान लिया जाना चाहिए. यह जांच का विषय है. 
इसलिए हमने मांग की थी कि 19 वोट के आधार पर ही मतगणना करवारकर फैसला दिया जाए. 

Advertisement

19 वोटों के आधार पर हुआ फैसला

कोर्ट ने इस बात को सही मानते हुए गुरुवार को 19 मतों के आधार पर ही पालिका अध्यक्ष के पद का फैसला करने के निर्देश दिए थे. इसी आधार पर आज खाटूश्याम जी नगर पालिका में मतगणना हुई. कांग्रेस की विनीता पूनिया को 10 और भाजपा की प्रेम देवी को 9 मत मिले. चूंकि कुल मतदान 19 का हुआ, ऐसे में कांग्रेस की विनीता पूनिया अध्यक्ष बनी है.  खाटू श्याम जी राजस्थान की प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है. हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक यहां पर आते हैं. खाटूश्याम जी नगर पालिका का अपना महत्व है. इसलिए दोनों ही पार्टियों यहां पर बोर्ड बनाने के लिए जुगत में जुटी थी. लेकिन देवरानी जेठानी के इस फेर में कांग्रेस ने अपना सियासी समीकरण चमका लिया.

यह भी पढ़ें- A,B,C का गणित लगाकर कांग्रेस ने यूपी में तय की 100 सीट, सपा से गठबंधन पर अगले हफ्ते से बातचीत

Featured Video Of The Day
EC Controversy: CEC Gyanesh Kumar पर विपक्ष का ट्रिपल प्लान क्या? NDTV पर Imran Masood का बड़ा बयान!

Topics mentioned in this article
Khatushyamji
Rajasthan Municipal Elections
Congress