- राजस्थान ने 2 से अधिक संतान वाले व्यक्तियों को पंचायतीराज चुनाव लड़ने की अनुमति देने का फैसला किया है
- मंत्रिमंडल ने आर्थिक अपराधों की रोकथाम के लिए राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय के गठन को मंजूरी दी है
- राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 और नगरपालिका अधिनियम 2009 में संशोधन कर नए विधेयक 2026 लाए जाएंगे
राजस्थान सरकार ने स्थानीय निकाय चुनाव से पहले दो से अधिक संतान वालों को भी पंचायतीराज और नगरपालिका चुनाव लड़ने की अनुमति देने का फैसला किया है. उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ एवं संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कैबिनेट की बैठक के बाद इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए अलग-अलग विधेयक लाएगी. इन मंत्रियों ने बताया कि राज्य मंत्रिमण्डल की बुधवार को हुई बैठक में इसे मंजूरी दी गई. उन्होंने कहा कि इस बैठक में आर्थिक अपराधों के प्रभावी रोकथाम के लिए राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय के गठन तथा राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति को भी मंजूरी दी गई.
मंत्री जोगाराम पटेल ने क्या-क्या बताया?
पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-19 और राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा-24 में संशोधन कर राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2026 और राजस्थान नगरपालिका (संशोधन) विधेयक 2026 लाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया.
क्यों हटाया गया प्रतिबंध?
उन्होंने कहा कि इससे जिन व्यक्तियों के दो से अधिक संतान हैं, वे पंचायतीराज संस्थाओं एवं नगरपालिकाओं के चुनाव लड़ सकेंगे. उन्होंने बताया कि दो से अधिक संतान पर चुनाव लड़ने का प्रतिबंध उस समय लागू किया गया था जब जनसंख्या विस्फोट पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता थी. पटेल ने कहा कि 1991-94 के बीच प्रजनन दर 3.6 थी जो वर्तमान में घटकर दो रह गई है, ऐसे में इन प्रावधानों का प्रत्यक्ष प्रभाव अब कम होता जा रहा है.
उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुपालन के तहत राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 में संशोधित करते हुए ‘कुष्ठ रोग' को खतरनाक रोग की श्रेणी से हटाया गया है ताकि नगरपालिका चुनाव में सभी व्यक्तियों को चुनाव लड़ने का समान अवसर मिल सकेगा और कुष्ठ रोगियों का सम्मान भी सुनिश्चित हो सकेगा. डॉ. बैरवा ने बताया कि आर्थिक अपराधों पर प्रभावी रोकथाम तथा वित्तीय अनुशासन के लिए राज्य राजस्व आसूचना निदेशालय को समाप्त कर राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय के गठन का निर्णय मंत्रिमण्डल में लिया गया.
उन्होंने बताया कि इससे जमीन जायदाद में धोखाधड़ी, बैंक-बीमा एवं शेयर बाजार से जुड़े वित्तीय अपराध, ‘मल्टी लेवल मार्केटिंग' ठगी, झूठा दिवालियापन, फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी तथा फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से नौकरी या प्रवेश से संबंधित मामलों पर शीघ्र कार्रवाई हो सकेगी. उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने बताया औद्योगिक विकास को नई गति देने, निवेश को प्रोत्साहित करने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने तथा सभी क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति 2026 लाई जाएगी जिसके अंतर्गत निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्कों के विकास के लिए चार मॉडल निर्धारित किए हैं. राजस्थान मंत्रिमण्डल ने राजस्थान मंडपम एवं अन्य परियोजनाओं के संशोधित प्रस्ताव का अनुमोदन किया.
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