राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर सरकार को विपक्ष सड़क से संसद तक घेरने की कोशिश में है. इस बीच पप्पू यादव ने संसद भवन परिसर में ही भगवा वेश धारण किया और दान पात्र लिखा एक डिब्बा लेकर बैठ गए. फिर राहुल गांधी आते हैं और उसमें कुछ दान के रूप में डालते हैं. उस पैसे को पप्पू यादव लेकर भागते हैं. इस तरह चढ़ावा चोरी की रिहर्सल करके सरकार को निशाने पर लेने की कोशिश की जाती है. लेकिन पप्पू यादव का भगवा वेश में आना अब मुद्दा बन गया है. भाजपा समेत कई संगठनों सवाल है कि क्या पप्पू यादव इस तरह का रिहर्सल किसी और धर्म के मामले में भी करते.
इस रिहर्सल को भगवा और हिंदुत्व को बदनाम करने वाली हरकत बताया जा रहा है. ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या चढ़ावा चोरी की रिहर्सल में भगवा धारण करके विपक्ष ने खुद को हिट विकेट का शिकार बना लिया है. ऐसा इसलिए क्योंकि भगवा एक संवेदनशील मुद्दा रहा है और भाजपा इसका लाभ उठाने से नहीं चूकेगी. यूपीए सरकार के दौर में भगवा आतंकवाद या फिर हिंदू आतंकवाद जैसी टर्म को उछाले जाने पर भाजपा, संघ, वीएचपी समेत तमाम संगठनों ने हमला बोला था. इस पर पोलराइजेशन की कोशिश की गई थी और माना जाता है कि जमीन पर भी इसका असर दिखा था.
ऐसे में राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर भाजपा सरकार को घेर रहे विपक्ष पर यह दांव उलटा भी पड़ सकता है. भाजपा ने इस मसले को तुरंत ही लपक भी लिया और सांसद अनुराग ठाकुर ने इस मसले को उठाया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सनातन धर्म का अपमान करने वाली हरकत को संरक्षण दिया है. उन्होंने कहा कि यह हरकत सनातन धर्म, भगवान राम, साधु-संतों का अपमान है. वहीं भाजपा के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि क्या किसी और मजहब का मामला होगा तो उसे लेकर इस तरह की कोशिश कभी कोई नेता कर सकता है. उनका सवाल था कि आखिर भगवा को अपमान करने की कोशिश क्यों की गई.
वहीं विश्व हिंदू परिषद ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है. उन्होंने कहा कि हम लोकसभा स्पीकर से मांग करते हैं कि इस मामले में सख्त एक्शन लिया जाए. वीएचपी नेता सुरेंद्र जैन ने कहा कि हिंदू साधु-संत का वेश बनाकर इस तरह की हरकत करके पप्पू यादव ने हिंदू समाज का अपमान किया है. उन्होंने कहा कि इससे करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं. इस बीच लखनऊ में विरोध प्रदर्शन भी हुआ है. शनिवार को लखनऊ में सनातन रक्षा संगठन ने जोरदार प्रदर्शन किया. संगठन के कार्यकर्ताओं ने शहर में पप्पू यादव की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
लखनऊ में विरोध प्रदर्शन, राहुल गांधी और अखिलेश के खिलाफ नारे
शव यात्रा के समापन के बाद प्रदर्शनकारियों ने पप्पू यादव के प्रतीकात्मक शव का दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया. इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने पप्पू यादव के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और उनके विरुद्ध नारे लगाए. प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई. प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव के प्रतीकात्मक स्वरूप को जूते-चप्पलों से पीटकर अपना विरोध जताया।