आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान घायल हुए 'जूम' की सलामती के लिए मांगी जा रहीं दुआएं

‘जूम’ भारतीय सेना का बहादुर जासूसी डाग है जो अनंतनाग में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में दो गोलियां लगने के बाद जख्मी हो गया

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आतंकियों की दो गोलियां लगने से सेना का जासूसी कुत्ता जूम घायल हो गया है (फाइल फोटो).
नई दिल्ली:

कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों की गोली से जख्मी हुए कुत्ते 'जूम' की सलामती की खातिर दुआएं मांगी जा रही हैं. डाक्टर उसकी जान बचाने की भरसक कोशिश कर रहे हैं. सेना के डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल उसकी हालत स्थिर बनी हुई है. जूम के हैंडलर काफी परेशान हैं क्योंकि उन्होंने उसे अपने बच्चों से ज्यादा प्यार से पाला है. ‘जूम' भारतीय सेना का वह बहादुर जासूसी डाग है जो अनंतनाग में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में दो गोलियां लगने के बाद जख्मी हो गया. 

सेना ने 10 अक्टूबर को आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान जूम को उस घर के अंदर भेजा गया था जहां आंतकवादी छिपे हुए थे. आतंकियों ने उस पर गोलियों की बौछार कर दी थी. इस दौरान जूम को दो गोलियां लगीं. गोली लगने के बावजूद उसने हार नहीं मानी. जूम की मदद से सेना ने उन दोनों आतंकियों को मार गिराया. बाद में घायल जूम को श्रीनगर के सेना के पशु चिकित्सालय में भर्ती कराया गया. यहां डाक्टरों की टीम ने उसकी सर्जरी की. 

फिलहाल वह मेडिकल टीम की निगरानी में है. उसके टूटे हुए पिछले पैर में प्लास्टर किया गया है. सेना के अधिकारियों ने कहा कि जूम पहले भी उनके साथ कई सक्रिय अभियानों का हिस्सा रह चुका है. दो साल एक महीने का जूम मेलिनोइस ब्रीड का है. आठ महीने से यह सेना में सक्रिय है.

आपको बता दें कि सेना आपरेशन में मदद के लिए कुत्तों की विभिन्न नस्लें रखती है जो आतंकी मुठभेड़ और सर्च आपरेशन में उनकी मदद करते हैं. जूम के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के लिए भारतीय सेना चिनार कोर ने ट्विटर का सहारा भी लिया है. सेना ने ट्वीट किया है कि आपरेशन के दौरान सेना का हमला करने वाला कुत्ता ‘ज़ूम' आतंकियों से भिड़ते हुए गंभीर रूप से घायल हो गया. उसका श्रीनगर के सेना के पशु चिकित्सा अस्पताल में इलाज चल रहा है. हम उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं.

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