प्रयागराज-चित्रकूट विकास प्राधिकरण को UP कैबिनेट की मंजूरी, पूर्वांचल-बुंदेलखंड में कौशांबी समेत 6 जिलों को तोहफा

UP Cabinet Meeting: यूपी कैबिनेट बैठक में आज 21 प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है. इसमें प्रयागराज-चित्रकूट विकास क्षेत्र पर मुहर लग सकती है. दिल्ली एनसीआर और लखनऊ स्टेट कैपिटल रीजन जैसे इसका विकास होगा.

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Prayagraj Chitrakoot Regional Development Authority
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  • यूपी कैबिनेट में आज प्रयागराज-चित्रकूट विकास प्राधिकरण को मंजूरी मिलने की संभावना
  • दिल्ली एनसीआर और लखनऊ के स्टेट कैपिटल रीजन जैसा विकास करने की तैयारी
  • प्रयागराज और चित्रकूट के पर्यटन स्थलों को भी इससे जोड़ा जाएगा, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
लखनऊ:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई. इस कैबिनेट मीटिंग में 21 बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगी. साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट को भी मंजूरी मिली, जिसे विधानसभा सत्र के दौरान में पारित कराया गया. कैबिनेट में सबसे बड़ा फैसला प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण पर हुआ. इसमें जैसे लखनऊ के आसपास बाराबंकी, हरदोई, उन्नाव जैसे छह जिलों को मिलाकर विकास हो रहा है. उसी तरह प्रयागराज के करीब के 6 जिलों का स्पेशल रीजन बनाया जाएगा.इसमें प्रयागराज, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा और हमीरपुर-महोबा शामिल हैं.

प्रयागराज-चित्रकूट विकास क्षेत्र क्या है

प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण को यूपी कैबिनेट में स्वीकृति मिली है. लखनऊ के स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) की तर्ज पर इसका मास्टर प्लान तैयार कर विकास होगा.  धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयागराज (संगम, भारद्वाज आश्रम) और चित्रकूट (कामदगिरि, मंदाकिनी तट) जैसे धार्मिक पर्यटन केंद्रों को कनेक्टिविटी दी जाएगी. बुंदेलखंड और पूर्वांचल के लॉजिस्टिक्स पार्क, आईटी हब, एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट और डिफेंस कॉरिडोर को भी इसका फायदा पहुंचेगा.

यूपी कैबिनेट का फैसला

प्रयागराज-चित्रकूट विकास क्षेत्र का क्षेत्रफल करीब 23 हजार वर्ग किलोमीटर का है. इसमें कुल 6 जिले शामिल होंगे. प्रयागराज इसका जोनल केंद्र होगा.चित्रकूट धार्मिक पर्यटन और बुंदेलखंड का प्रवेश द्वार होगा. कौशांबी बौद्ध पर्यटन केंद्र बनेगा. फतेहपुर बड़ा कृषि व्यापारिक केंद्र और बांदा बुंदेलखंड क्षेत्र का आर्थिक केंद्र होगा.हमीरपुर, महोबा खनिज एवं औद्योगिक विकास केंद्र बनेगा.

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कई बड़े प्रोजेक्ट से जुड़ेगा 

प्रयागराज-चित्रकूट विकास क्षेत्र को कई बड़ी धार्मिक पर्यटन और कनेक्टिविटी की परियोजनाओं से जोड़ा जाएगा. इसमें राम वन गमन मार्ग अयोध्या से चित्रकूट तक धार्मिक रूट और ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से जुड़ेगी.मेरठ से प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे भी कनेक्ट होगा. प्रयागराज रिंग रोड से पूरे इलाके में भारी वाहनों की आवाजाही आसान होगी.

  • प्रयागराज-चित्रकूट बेल्ट में आईटी पार्क्स और वेयरहाउसिंग हब विकसित करने की योजना
  • बुंदेलखंड के हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, पत्थर उद्योग को ग्लोबल बाजार से जोड़ना
  • बुनियादी ढांचे, पर्यटन, होटल उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग से रोजगार मुहैया कराना


जेवर लिंक एक्सप्रेसवे पर हरी झंडी

जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है. जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 74.467 किमी लंबा 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल मंजूरी दो सकता है. जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को फरीदाबाद-जेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे कहते हैं. 

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लखनऊ और नोएडा में यू-हब निर्माण के प्रस्ताव

कैबिनेट मीटिंग में लखनऊ और नोएडा में यू-हब निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति दी जा सकती है. आईआईटी कानपुर के नोएडा सेंटर और आईआईटी लखनऊ के कैंपस में यू-हब बनेगा. यू-हब का मुख्य मकसद ऐसे स्टार्टअप को कॉमन प्लेटफॉर्म, सिंगल विंडो देना शामिल है. सरकार ने इसका 100 करोड़ का बजट रखा है. IIT कानपुर इक्यूबेशन के निदेशक को 3 साल के लिए यू-हब का डायरेक्टर बनाया गया है. यूपी की योगी सरकार शीरा नीति 2026 को मंजूर दे सकती है. खरीफ और रबी की फसल के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रस्तावों को मंजूरी दे सकती है. प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन पर मुहर लग सकती है. 

यूपी कैबिनेट के अन्य फैसले

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करके खरीफ 2026 और रबी 2026-27 के लिए इसका विस्तार हो सकता है. इससे किसानों को बाढ़, सूखे और अन्य आपदाओं के दौरान फायदा मिलेगा. 

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7 जगह मल्टीपर्पज हब बनेंगे

लोक निर्माण विभाग भूखंड लेकर उसे आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को निशुल्क देगा. इससे आवासीय, कमर्शियल और अन्य कार्यों के लिए लैंड बैंक तैयार रहेगा.राज्य संपत्ति विभाग के कर्मचारियों के लिए नई नियमावली 2026 लागू करने का प्रस्ताव पारित हो सकता है. वहीं आशावर्कर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव पर कैबिनेट मुहर के बाद अनुपूरक बजट के जरिये विधानसभा में ऐलान हो सकता है. 

  • सामुदायिक परियोजना के लिए सरकार और HCL फाउंडेशन के समझौते की अवधि 5 साल और बढ़ाने का प्रस्ताव।
  • विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए नया घुमंतू विकास बोर्ड बनेगा
  • विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना-2 में बदलाव कर नए संशोधन और नए प्रावधान जोड़े जाएंगे.
  • मजदूर संहिता नियमावली 2026 में श्रमिकों से जुड़े नए नियम लागू करने का प्रस्ताव.
  • भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार संशोधन विधेयक 2020 को केंद्र से वापस लेने का प्रस्ताव
  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम 2004 में संशोधन होगा
  • कामिल और फाजिल डिग्री, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इन डिग्रियों को मान्यता खत्म होगी
  • भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सेवा नियमावली 2026 लागू करने का प्रस्ताव
  • आईक्यू सॉल्यूशंस की परियोजना की समयसीमा में छूट देने का प्रस्ताव
     
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