- बीजेपी ने प्रद्युत बोरदोलोई को पार्टी में शामिल होने के 24 घंटे के भीतर दिसपुर से चुनावी टिकट दिया है
- उन्होंने बीजेपी के नाराज कार्यकर्ताओं से संवाद करने और सौहार्दपूर्ण असम बनाने की इच्छा भी व्यक्त की
- प्रद्युत बोरदोलोई ने अपने बेटे के फैसले का सम्मान करने और खुद की छवि बनाने की सीख देने की बात कही
कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने अपने इस फैसले के पीछे की वजह बता दी है. प्रद्युत बोरदोलोई ने NDTV से खास बातचीत में कहा कि कांग्रेस में मेरा सम्मान नहीं था, मुझे किनारा लगाया जा रहा था. और इन चीजों से मुझे वहां रहते हुए घुटन सी हो रही थी. यही वजह थी कि मैंने कांग्रेस को छोड़ने का फैसला किया. आपको बता दें कि बीजेपी ने प्रद्युत बोरदोलोई को पार्टी में शामिल होने के 24 घंटे के भीतर ही दिसपुर से टिकट दे दिया है.इस चुनाव में टिकट दिए जाने को लेकर उन्होंने बीजेपी का आभार भी जताया है.
NDTV से बातचीत के दौरान प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा कि बीजेपी से टिकट मिलने पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मैंने हिमंत बिस्वा सरमा के साथ कांग्रेस और असम सरकार में काम किया है. पहले असम की हालत ख़राब थी, हिंसा का माहौल था. असम अब तरक्की कर रहा है लेकिन बहुत काम बाक़ी है. रोजगार जरूरी है. मैं बीजेपी नेतृत्व का आभारी हूं कि दिसपुर जैसी प्रतिष्ठित सीट से मौक़ा दिया गया है. उन्होंने इस बातचीत के दौरान अपने सियासी यू टर्न पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि राजनीति में विरोधी की कमियों को उजागर किया ही जाता है.
उन्होंने कहा कि बीजेपी के नाराज कार्यकर्ताओं से विनम्रता से बात करूंगा. अपने बेटी की बात करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी में शामिल होने के मेरे फैसले से बेटा दुखी था लेकिन मैंने कहा कि आप अपना फैसला खुद करिए.बेटे के फ़ैसले का सम्मान है, मैंने उसे यही सिखाया है कि ख़ुद की छवि बनाओ.मैंने कांग्रेस को घोषणापत्र बना कर दे दिया है.हिमंत बिस्वा सरमा भी लिबरल हैं. शायद मेरे जैसे दोस्त के बिना कुछ बोल देते हों, हम सबको मिलकर सौहार्दपूर्ण असम बनाना है.
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