JNU छात्रसंघ के मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प मामले में केस दर्ज, 51 हिरासत में

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) ने आज जारी एक बयान में, पुलिस द्वारा “बल प्रयोग” की निंदा की. संघ ने आरोप लगाया कि कई छात्राएं और छात्र घायल हुए हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
मार्च के दौरान कुछ इस तरह पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • दिल्ली में जेएनयू छात्र संघ द्वारा निकाले गए मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई
  • पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हमला करने तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया
  • पुलिस ने सरकारी कर्मचारी की ड्यूटी बाधित करने समेत कई धाराएं लगाई हैं
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

दिल्ली में बृहस्पतिवार को छात्र संघ द्वारा निकाले गए मार्च के दौरान पुलिस और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों के बीच झड़प में 25 पुलिसवाले घायल हो गए. पुलिस ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने उस पर हमला किया. वहीं प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपने खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया. 51 प्रदर्शनकारी छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने लाठियां और जूते फेंके और हमले किए, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि इस दौरान कुछ कर्मियों को दांत से भी 'काट' लिया गया. वसंत कुंज थाने में इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है.

कौन सी धाराएं लगीं

पुलिस ने जो धाराएं लगाई हैं, उनमें ​सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने, ​पुलिसकर्मियों पर हमला और उन्हें चोट पहुंचाना, ​सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, ​गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होना शामिल है. पुलिस ने मामला दर्ज करने के साथ ही घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है. इससे पहले पुलिस ने एक बयान में कहा कि छात्रों ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर से शिक्षा मंत्रालय तक एक 'लांग मार्च' निकालने का आह्वान किया था. यह मार्च विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा हाल ही में एक पॉडकास्ट में यूजीसी मानदंडों के क्रियान्वयन, जेएनयूएसयू पदाधिकारियों के निलंबन और प्रस्तावित रोहित अधिनियम पर की गई टिप्पणियों के विरोध में जारी प्रदर्शनों का हिस्सा था. 

कैसे शुरू हुई झड़प

पुलिस के अनुसार, जेएनयू प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों को सूचित किया था कि परिसर के बाहर किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है और उन्हें विश्वविद्यालय परिसर के भीतर ही अपना प्रदर्शन सीमित रखने की सलाह दी थी. पुलिस ने बताया कि इसके बावजूद, लगभग 400-500 छात्र परिसर में जमा हुए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. दोपहर बाद लगभग 3.20 बजे, प्रदर्शनकारी मुख्य द्वार से बाहर निकले और मंत्रालय की ओर बढ़ने का प्रयास किया. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “स्थिति बिगड़ने पर परिसर के बाहर लगाए गए बैरिकेड क्षतिग्रस्त हो गए. प्रदर्शनकारियों ने बैनर और लाठियां फेंकीं, जूते फेंके और हमला भी किया। झड़प के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को दांत काट लिया गया। इससे मौके पर तैनात कई अधिकारी घायल हो गए.” पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को जेएनयू परिसर के नॉर्थ गेट पर रोका और धीरे-धीरे उन्हें विश्वविद्यालय परिसर के अंदर धकेल दिया.

शिक्षक संघ ने निंदा की

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) ने आज जारी एक बयान में, पुलिस द्वारा “बल प्रयोग” की निंदा की. संघ ने आरोप लगाया कि कई छात्राएं और छात्र घायल हुए हैं और हिरासत में लिए गए लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की, साथ ही दावा किया कि कुछ को “अपुष्ट स्थानों” पर ले जाया गया है. जेएनयूटीए ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई छात्रों को मार्च करने के उनके लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने से रोकने के उद्देश्य से की गई थी और उसने हिरासत में लिए गए सभी छात्रों की तत्काल रिहाई की मांग की.
 

Featured Video Of The Day
Ashwini Vaishnaw News | Youtubers | भारत सरकार का ये फैसला सुन झूम उठेंगे Content Creators! Top News