- PM मोदी ने PMO की नई बिल्डिंग का उद्घाटन किया, जो साउथ ब्लॉक से कर्तव्य पथ पर स्थानांतरित हुई है
- इसमें PMO, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय तथा कैबिनेट सचिवालय शामिल हैं
- PMO आ अब नाम सेवा तीर्थ कर दिया गया है. कर्तव्य भवनों में कई मंत्रालयों के कार्यालय होंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की नई बिल्डिंग 'सेवा तीर्थ' का शुक्रवार को उद्घाटन किया. यह उद्घाटन भारत की आजादी का एक बड़ा प्रतीक कहा जा रहा है. इसका कारण ये है कि अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय रायसीना हिल स्थित साउथ ब्लॉक से संचालित होता था, लेकिन अब इसे कर्तव्य पथ पर बने नए 'सेवा तीर्थ' परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया है. यह परिसर साउथ ब्लॉक से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है. कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के वे कार्यालय एक साथ आ जाएंगे, जो अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे.
नई बिल्डिंग को सेंट्रल विस्ट्रा प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया है. तस्वीरों में बिल्डिंग भव्य और स्मार्ट नजर आ रही है. वहीं पीएम मोदी जिस कुर्सी पर बैठे हैं, उस कुर्सी के पीछे भारत का राष्ट्रीय प्रतीक लगा हुआ है. लकड़ी की कुर्सी और कमरे का रंग-रोगन देखकर साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि नए पीएमओ को हवादार, रौशनी से भरपूर, सुरक्षा के हिसाब से अचूक और स्मार्ट वर्कफोर्स के हिसाब से बनाया गया है.
शाम को प्रधानमंत्री 'कर्तव्य भवन कॉम्प्लेक्स-1 और 2' का भी उद्घाटन करेंगे. इन भवनों से वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा समेत कई प्रमुख मंत्रालय काम करेंगेबयान में कहा गया है कि दशकों तक, कई प्रमुख सरकारी कार्यालय और मंत्रालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर बने और पुराने बुनियादी ढांचे से संचालित होते रहे हैं. सरकारी कार्यालयों के एक साथ नहीं होने के कारण कामकाज में दिक्कतों सहित समन्वय की कमी झलकती थी. इसके साथ ही मेंटेनेंस लागत में वृद्धि और वर्कफोर्स इन्वायरमेंट भी नहीं रहता था. इसमें कहा गया है कि नए भवन परिसर आधुनिक एवं भविष्य के लिए तैयार सुविधाओं से लैस हैं.
सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय हैं, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे. कर्तव्य भवन 1 और 2 में कानून, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि और कई अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय स्थित हैं. दोनों भवन परिसरों में डिजिटल रूप से इंटीग्रेटेड ऑफिसेज, स्ट्रक्चर्ड पब्लिक कॉन्टैक्ट क्षेत्र और सेट्रलाइज्ड रिसेप्शन फैसिलिटिज हैं.
बयान में कहा गया कि 4-स्टार जीआरआईएचए (ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटैट असेसमेंट) मानकों के अनुरूप डिजाइन किए गए इन परिसरों में रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, वाटर कंजर्वेशन मेजर्स, वेस्ट मैनेजमेंट सॉल्यूशंस और हाई पर्फार्मेंस बिल्डिंग स्ट्रक्चर्स शामिल हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि इन उपायों से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आती है और ऑपरेशन दक्षता बढ़ती है.
इन भवन परिसरों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई हैं जैसे कि स्मार्ट प्रवेश नियंत्रण प्रणाली, निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया अवसंरचना, जिससे अधिकारियों और आगंतुकों के लिए सुरक्षित एवं सुगम वातावरण सुनिश्चित होता है.
सेवा तीर्थ से प्रधानमंत्री मोदी का पहला फैसला भी सेवा की भावना को दर्शाता है और समाज के हर वर्ग को प्रभावित करता है. प्रधानमंत्री ने महिलाओं, युवाओं और कमजोर नागरिकों से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णयों पर हस्ताक्षर किए. पीएम मोदी ने सेवा तीर्थ से कई महत्वपूर्ण नई पहलें शुरू की हैं. इनमें पीएम राहत योजना, लखपति दीदियों के लक्ष्य को दोगुना करके 6 करोड़ करना, कृषि अवसंरचना कोष को दोगुना करके 2 लाख करोड़ रुपये करना, स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 की शुरुआत 10,000 करोड़ रुपये का कोष शामिल है. पीएम मोदी ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी.
नए ऑफिस से चार लिए बड़े फैसलों को समझिए
- पीएम राहत योजना: हर नागरिक के लिए जीवन रक्षक सुरक्षा. प्रधानमंत्री ने पीएम राहत योजना के शुभारंभ को मंजूरी दे दी है. इस पहल के तहत, दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का नकद उपचार मिलेगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि तत्काल चिकित्सा सहायता न मिलने के कारण किसी की जान न जाए.
- लखपति दीदियों का लक्ष्य दोगुना होकर 6 करोड़ हुआ. सरकार ने मार्च 2027 की निर्धारित समयसीमा से एक वर्ष से भी अधिक समय पहले ही 3 करोड़ लखपति दीदियों का आंकड़ा पार कर लिया है. प्रधानमंत्री ने अब मार्च 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदियों का नया और महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जो पैमाने और आकांक्षा दोनों को दोगुना करता है.
- किसानों को बड़ा प्रोत्साहन: कृषि अवसंरचना कोष दोगुना होकर 2 लाख करोड़ रुपये हुआ. भारत की संपूर्ण कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री ने कृषि अवसंरचना कोष के आवंटन को 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये करने की मंजूरी दे दी है.
- स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0, 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ इनोवेशन की अगली क्रांति. भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को सशक्त बनाने के लिए, विशेष रूप से डीप टेक, प्रारंभिक चरण के विचारों, उन्नत विनिर्माण और अभूतपूर्व प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में, प्रधानमंत्री ने 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी दी है.













