सोमनाथ मंदिर के स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए PM मोदी, ड्रोन शो में दिखा 1000 वर्षों का इतिहास

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के लिए मंदिर नगरी को भव्य रूप से सजाया गया है. यह कार्यक्रम मंदिर पर 1000 साल पहले हुए आक्रमण की पृष्ठभूमि में आयोजित किया जा रहा है.

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  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत गुजरात के सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे
  • सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मंदिर पर 1000 साल पहले हुए आक्रमण की पृष्ठभूमि में आयोजित किया जा रहा है
  • 8 जनवरी से शुरू हुआ सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 11 जनवरी तक चलेगा. इसके लिए मंदिर नगरी को भव्य रूप दिया गया है
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को गुजरात के सोमनाथ पहुंच गए. इस दौरान लोगों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया. इसके बाद वह सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना में शामिल हुए. मंदिर परिसर में ड्रोन शो का भी आयोजन किया गया, जिसमें सोमनाथ मंदिर के 1000 वर्षों के इतिहास की झलक दिखाई गई.

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा कि हमारी सभ्यता के साहस के गौरवशाली प्रतीक सोमनाथ में आकर धन्य महसूस कर रहा हूं. यह यात्रा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान हो रही है, जब 1026 में सोमनाथ मंदिर पर पहले हमले के एक हजार साल पूरे होने के लिए पूरा देश एक साथ आया है.

गौरतलब है कि महमूद गजनी ने 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था. सोमनाथ मंदिर को नष्ट करने के कई बार प्रयास हुए, लेकिन आज भी यह आस्था और राष्ट्र गौरव के शक्तिशाली प्रतीक के रूप में खड़ा है. आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने मंदिर के जीर्णोद्धार का प्रयास किया. जीर्णोद्धार के बाद 1951 में तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की मौजूदगी में सोमनाथ मंदिर को औपचारिक रूप से भक्तों के लिए खोल दिया गया था. 

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सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के लिए मंदिर नगरी को भव्य रूप से सजाया गया है. यह कार्यक्रम मंदिर पर 1000 साल पहले हुए आक्रमण की पृष्ठभूमि में आयोजित किया जा रहा है. 8 जनवरी से शुरु हुआ ये पर्व 11 जनवरी तक चलेगा. 

तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर गए प्रधानमंत्री मोदी रविवार सुबह करीब 9:45 बजे शौर्य यात्रा में हिस्सा लेंगे. यह सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वालों को श्रद्धांजलि देने के लिए निकाली जा रही है. यात्रा में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकाला जाएगा, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक होगा. 

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इसके बाद प्रधानमंत्री सुबह करीब 10:15 बजे सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे. उसके बाद सुबह 11 बजे से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होंगे. 

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