पीएम मोदी ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में करेंगे शिरकत, महिलाओं की भूमिका पर होगा मंथन

दिल्ली में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख महिलाएं शामिल होंगी. यह अधिनियम महिलाओं के लिए विधायी निकायों में एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित करता है, जिसे लागू करने के लिए संसद में चर्चा होने वाली है.

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  • केंद्र सरकार ने दिल्ली में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन आयोजित किया है जिसमें प्रधानमंत्री मोदी भाग लेंगे
  • यह सम्मेलन महिलाओं के नेतृत्व में विकास और फैसले लेने में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर केंद्रित है
  • नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित करता है
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नई दिल्‍ली:

'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण कानून) को लागू करने की दिशा में बहुत बड़ा दिन है. दिल्ली में आज केंद्र सरकार की ओर से एक भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ देश के विभिन्‍न क्षेत्रों से जुड़ी दिग्‍गज महिलाएं शिरकत करेंगी. प्रधानमंत्री मोदी आज सुबह 11 बजे राष्ट्रीय राजधानी स्थित विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में शामिल होंगे और उसे संबोधित करेंगे.

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में सरकार, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, समाज सेवा और संस्कृति जैसे अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों और सफल महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को एक साथ लाना है, ताकि वे भारत के विकास के सफर में महिलाओं की भूमिका पर चर्चा कर सकें.

महिलाओं के नेतृत्व में विकास की बड़ी पहल

यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की 'महिलाओं के नेतृत्व में विकास' की बड़ी पहल का हिस्सा है. इसका मकसद फैसले लेने की प्रक्रियाओं में महिलाओं की ज्यादा भागीदारी के महत्व को चिन्हित करना है. यह कार्यक्रम अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती नेतृत्व भूमिकाओं को भी सामने रखेगा. यह कार्यक्रम सितंबर 2023 में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के ऐतिहासिक रूप से पारित होने की पृष्ठभूमि में आयोजित किया जा रहा है. यह अधिनियम, विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था.

भारत की राजनीति में बड़ा कदम

नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान करता है. इस कदम को भारत के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव लाने वाला माना जा रहा है. अब जब पूरे देश में महिलाओं के आरक्षण को लागू करने पर ध्यान केंद्रित हो रहा है, तो इस मुद्दे पर आगे चर्चा करने के लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का एक सत्र बुलाया गया है.

इस सम्मेलन से इस पहल को गति मिलने और शासन-प्रशासन में ज़्यादा समावेशिता सुनिश्चित करने के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि होने की उम्मीद है. केंद्र सरकार ने लगातार 'महिलाओं के नेतृत्व में विकास' को एक विकसित भारत के अपने दृष्टिकोण का मुख्य स्तंभ बताया है. इस सम्मेलन से इस विचार को और मजबूती मिलने और समावेशी व सतत विकास हासिल करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को और बल मिलने की उम्मीद है.

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पीएम मोदी ने मांगा समर्थन

प्रधानमंत्री ने मोदी ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर लोकसभा और राज्यसभा में सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर उनसे समर्थन का आग्रह किया है. पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी को एक स्वर में इस संशोधन को पारित कराने के लिए एकजुट होना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा सांसदों को इस विषय पर अपने विचार संसद में रखने चाहिए. यह अवसर किसी एक पार्टी या व्यक्ति से ऊपर है. प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को लिखे अपने पत्र में कहा, "16 अप्रैल से देश की संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़ी एक ऐतिहासिक चर्चा होने जा रही है. ये विशेष बैठक हमारे लोकतंत्र को और मजबूत बनाने का अवसर है. ये सबको साथ लेकर चलने की हम सभी की प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है."

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