Petrol-Diesel Price India: मिडिल ईस्ट में जंग की वजह से ग्लोबल मार्केट में हो रही उथल-पुथल और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच पेट्रोल-डीजल पर बड़ी खबर मिली है. सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी. एक तरफ जहां पड़ोसी देशों और यूरोप में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं भारत में ना केवल कीमतें स्थिर हैं बल्कि देश एनर्जी सोर्स को भी तेजी से डाइवर्सिफाई कर रहा है.
फरवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार, रूस भारत का सबसे बड़ा एनर्जी सोर्सिंग पार्टनर बनकर उभरा है. सिर्फ रूस ही नहीं, भारत की कुल एलएनजी जरूरत का 10% हिस्सा अब अमेरिका से आ रहा है. सूत्रों ने बताया कि हम अमेरिका से सालाना 15 अरब डॉलर की ऊर्जा खरीद रहे हैं. कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने भी भारत को एलएनजी बेचने का प्रस्ताव दिया है.
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इंडियन ऑयल के पास इतनी क्षमता है कि वह हर महीने कनाडा से एक एलएनजी कार्गो भारत ला सके. हालांकि, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया से गैस लाने में कुछ इन्फ्रास्ट्रक्चर संबंधी चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं, जिन्हें दूर करने पर काम चल रहा है.
3 बार काम की एक्साइज ड्यूटी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी नवंबर 2021, मई 2022 और मार्च 2024 में तीन बार कट की है, इसलिए कीमतें बढ़ने का कोई चांस ही नहीं है. भारत में पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतें दुनिया में सबसे सस्ती हैं. जहां पड़ोसी देशों और कुछ यूरोपीय देशों ने कीमतें बढ़ाई हैं, वहीं भारत ने ऐसा नहीं किया है.














