पवन खेड़ा होंगे गिरफ्तार? गुवाहाटी हाईकोर्ट ने जमानत याचिका को किया खारिज

असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी द्वारा दायर मानहानि मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. गुवाहाटी हाई कोर्ट ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा की जमानत याचिका खारिज कर दी है.

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  • गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका मानहानि मामले में खारिज कर दी है.
  • पवन खेड़ा पर असम पुलिस क्राइम ब्रांच ने चुनावी झूठे बयान और जालसाजी सहित कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की है.
  • कांग्रेस नेता ने असम CM की पत्नी रिंकी भुइयां पर 3 पासपोर्ट और विदेश में संपत्तियां रखने का आरोप लगाया था.
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गुवाहाटी:

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. असम CM हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा द्वारा दायर मानहानि मामले में पवन खेड़ा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट में जमानत अर्जी लगाई थी. लेकिन गुवाहाटी हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता की जमानत याचिका खारिज कर दी. ऐसे में अब कांग्रेस नेता पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. इस मामले पर सुनवाई 21 अप्रैल को हुई थी, जिसके बाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

अग्रिम जमानत के लिए कांग्रेस नेता दायर की थी अर्जी

पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा असम पुलिस की क्राइम ब्रांच में दर्ज कराई गई FIR के सिलसिले में अग्रिम ज़मानत (Anticipatory Bail) की मांग की थी. खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट और विदेश में संपत्तियां रखने का आरोप लगाया था.

पवन खेड़ा पर इन धाराओं में केस

यह FIR गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में BNS की धाराओं 175 (चुनाव के संबंध में झूठा बयान), 35, 36, 318 (धोखाधड़ी), 338 (कीमती वसीयत, प्रतिभूति आदि की जालसाज़ी), 337 (कोर्ट के रिकॉर्ड या सार्वजनिक रजिस्टर आदि की जालसाज़ी), 340 (जाली दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना और उसे असली के तौर पर इस्तेमाल करना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), और 356 (मानहानि) के तहत दर्ज की गई है.

पवन खेड़ा की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील अभिषेक मनु सिंघवी और गुवाहाटी हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता के.एन. चौधरी ने पैरवी की, जबकि असम सरकार की ओर से महाधिवक्ता देवाजीत सैकिया ने पक्ष रखा था.

तीन घंटे तक चली थी सुनवाई

न्यायमूर्ति पी.जे. सैकिया की अदालत में यह सुनवाई लगभग तीन घंटे तक चली, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और जवाबी तर्क-वितर्क हुए. इस दौरान पवन खेड़ा के वकील ने यह तक तर्क दिया था कि कांग्रेस नेता के देश से भागने का कोई खतरा नहीं है और उन्हें गिरफ्तार करने की कोई जरूरत नहीं है.

पवन खेड़ा की गिरफ्तारी के लिए जाएगी असम पुलिस की टीम

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इससे पहले, असम पुलिस खेड़ा की तलाश में तेलंगाना के हैदराबाद पहुंची थी. कांग्रेस नेता ने दावा किया है कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास तीन पासपोर्ट हैं. खेड़ा कांग्रेस पार्टी के मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष हैं और साथ ही कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य भी हैं.असम पुलिस क्राइम ब्रांच के सूत्रों ने बताया है कि खेड़ा का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर टीमें भेजी जाएंगी.

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