- UAE से एक मालवाहक जहाज सुरक्षित कर्नाटक के कारवार बंदरगाह पहुंच गया
- जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते हुए ईरान की व्यापारिक पाबंदियों के बावजूद अपनी यात्रा पूरी की
- 3 मार्च को यूएई से रवाना हुए जहाज ने सड़क निर्माण प्रोजेक्ट के लिए बिटुमेन की खेप भारत पहुंचाई
मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट के बीच कर्नाटक के कारवार बंदरगाह से राहत की बड़ी खबर सामने आ रही है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के खोर फक्कन बंदरगाह से रवाना हुआ मालवाहक जहाज 'चेंग एक्स' (Cheng X), लगभग 3,100 टन बिटुमेन यानी तारकोल की खेप लेकर सुरक्षित रूप से तट पर पहुंच गया है. 3 मार्च को अपनी यात्रा शुरू करने वाले इस जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य जैसी चुनौतीपूर्ण समुद्री सीमाओं और ईरान द्वारा लगाई गई व्यापारिक पाबंदियों के बीच अपना रास्ता तय किया है.
10 दिन पहले UAE से हुआ था रवाना
जानकारी के अनुसार, यह जहाज 3 मार्च को यूएई के खोर फक्कन बंदरगाह से रवाना हुआ था. जहाज की कुल क्षमता लगभग 5,500 टन है, लेकिन इस खेप में करीब 3,100 टन बिटुमेन कारवार लाया गया है. इस तारकोल का इस्तेमाल क्षेत्र में चल रही सड़क प्रोजेक्ट के लिए किया जाएगा.
इस जहाज का सुरक्षित पहुंचना इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मध्य-पूर्व में जारी तनाव के कारण समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है. रिपोर्टों के अनुसार, ईरान द्वारा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण कार्गो परिवहन में काफी दिक्कतें आ रही थीं. इन प्रतिबंधों और वैश्विक संकट के बावजूद यूएई से भारत तक इस खेप का पहुंचना स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए एक बड़ी राहत है.
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हैं भारत के कई जहाज
आज प्रेस ब्रीफिंग में भारत सरकार के शिपिंग मंत्रालय के राजेश कुमार सिन्हा ने बताया था कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के पश्चिम में और फारसी खाड़ी में, भारत के झंडे वाले 24 जहाज हैं, जिन पर कुल 677 भारतीय नाविक सवार हैं. हॉर्मुज जलडमरूमध्य में पहले चार जहाज थे. कल उनमें से एक तेल टैंकर उस क्षेत्र से रवाना हो गया. इसके बाद अब उस क्षेत्र में भारत के झंडे वाले तीन जहाज बचे हैं. पूरे खाड़ी क्षेत्र में करीब 23,000 भारतीय नाविक इन जहाजों पर काम कर रहे हैं. शिपिंग मंत्रालय लगातार इन जहाजों के संपर्क में है.
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