गणतंत्र दिवस से पहले क्यों चर्चा में हैं ऑपरेशन सिंदूर: विक्ट्री थ्रू जॉइंटनेस की झांकी , आप भी जान लीजिए

झांकी में सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के फायर  को दिखाया गया हैं. इसके अलावा एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की भूमिका को भी दिखाया गया हैं जिसने लंबी दूरी से दुश्मन के हवाई खतरे को खत्म किया.

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गणतंत्र दिवस पर ऑपरेशन सिंदूर की दिखेगी 'झलक'
NDTV
नई दिल्ली:

इस बार गणतंत्र गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर एक झांकी की बहुत चर्चा हो रही है. वह झांकी हैं ऑपरेशन सिंदूर: विक्ट्री थ्रू जॉइंटनेस  की. 77वें गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय सशस्त्र सेना ने ट्राई-सर्विस झांकी हर किसी को आकर्षित कर रही हैं. इस झांकी में थल सेना, नौसेना और वायुसेना के आपसी तालमेल और आधुनिक सैनिक ताकत को सरल तरीके से प्रस्तुत किया गया है.

 इस बारे में एयर कमाडोर मनीष सब्बरवाल ने एनडीटीवी से कहा कि आज ऑपरेशन सिंदूर आज देश के हर लोगों की जुबान पर है. इसी वजह से इसे गणतंत्र दिवस परेड में  प्रभावशाली रूप में पेश किया गया हैं. उन्होंने कहा कि भारत पहले भी संयुक्त सैन्य अभियान करता रहा है, लेकिन इस ऑपरेशन में जिस स्तर का तालमेल देखने को मिला, वह अभूतपूर्व है. इसमे नये भारत की झलक मिलती है, जो अपने दुश्मनों को घर मे घुसकर मारता हैं. इस झांकी में 88 घंटे की कार्रवाई को काफी बेहतर तरीके से दिखाया गया हैं.

झांकी में सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के फायर  को दिखाया गया हैं. इसके अलावा एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की भूमिका को भी दिखाया गया हैं जिसने लंबी दूरी से दुश्मन के हवाई खतरे को खत्म किया. झांकी में नौसेना के ऑपेरशन को भी दिखाया गया है कि कैसे उसने अरब सागर में पाकिस्तान की घेरा बंदी कर दी थी. पूरे ऑपरेशन को क्रमबद्ध तरीके से दिखाया जाएगा, ताकि आम लोगो से आसानी से समझ आ सकें कि तीनों सेनाएं मिलकर कैसे ऑपेरशन करती हैं. कार्रवाई के पहले चरण में पहली ही रात नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया. इनमें से सात ठिकाने थलसेना ने और दो ठिकाने वायुसेना ने ध्वस्त किए. इसके बाद दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य ठिकानों को भी तबाह किया गया.

झांकी में एम-777 तोप अल्ट्रा लाइट तोपों से दुश्मन के ठिकानों को सटीक फायर कर निशाना बनाने को दिखाया गया है. इसके पीछे आकाश एयर डिफेंस सिस्टम भी हैं  जो देश की मजबूत और मल्टी लेयर हवाई सुरक्षा का प्रतीक हैं. वहीं, झांकी के बीच वाले हिस्से मे नई राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को दिखाया गया हैं  जिसमें तेज, सटीक और सीमित कार्रवाई पर जोर दिया गया है.

हारोप ड्रोन और रफाल विमान की स्कैल्प सर्जिकल स्ट्राइक का दृश्य भारत की आधुनिक युद्ध क्षमता को दिखाते हैं.यह झांकी भारत की बदलती हुई सैन्य रणनीति और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का भी प्रतीक हैं.  यह विकसित भारत और ब्रांड इंडिया डिफेंस की ताकत का प्रतीक है जो दिखाती है कि भारत अब अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है. 

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