- ओडिशा के पारादीप में एक 23 वर्षीय युवती को उसके प्रेमी ने शादी का झांसा देकर बलात्कार कर सुनसान जगह पर छोड़ा
- पीड़िता को झारखंड का एक व्यक्ति मदद का झांसा देकर अपने किराए के कमरे की छत पर ले जाकर फिर बलात्कार किया
- बलात्कार के बाद आरोपी ने पीड़िता को छत से नीचे फेंक दिया जिससे उसकी मौत हो गई
जब जिस्म को छलनी करके तूने रूह को मलिन बनाया था, ओ ज़ालिम दरिंदे,क्या एक बार शरम न आई थी ? क्या एक बार न जी घबराया था.. ओडिशा की घटना पर ये लाइन बिल्कुल सटीक बैठती है. जो लड़की अपने प्रेमी के साथ घरवालों के खिलाफ जाकर शादी के सपने देख रही थी, साथ जीने की कसमें खा चुके थी,लेकिन उसके साथ उसके ही जीवनसाथी बनने जा रहे प्रेमी ने सिर्फ धोखा दिया बल्कि उसके शरीर को अपनी वहशीपन का सिकार बनाकर बदहवास सड़क पर छोड़कर फरार हो गया. जालिम दुनिया देखिए,उसकी मदद के बहाने एक शख्स ने प्रेमी से भी एक कदम आगे बढ़कर उस पीड़िता को भरोसे में लिया और एक सुनसान जगह जाकर फिर उसके साथ गंदा काम किया. जब हवस की आग बुझ गई तो दूसरे शख्स ने लड़की को छत से नीचे फेंक कर मार डाला.
कहां गई मानवता?
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोई मानवता वाकई बची है? जिस पीड़िता की मदद करनी चाहिए,उसे ही हवस का शिकार बनाकर मार डाला? घटना ओडिशा के पारादीप की है. यहां एक 23 साल की पीड़िता ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ भागने के इरादे से घर से निकली थी. उसके बॉयफ्रेंड ने शादी का वादा करके उसे एक मंदिर में बुलाया. लड़की ने तो शादी क सपनों के साथ न जाने क्या-क्या सोच लिया था पर अगले ही पल उसके साथ जो हुआ, वो दिल दहला देगा. बॉयफ्रेंड उसे मंदिर ले जाने के बजाय एक सुनसान जगह पर ले गया, वहां उसके साथ बलात्कार किया और फिर उसे एक बस स्टैंड पर अकेला छोड़ कर भाग गया.
बात यहीं खत्म हो जाती तो क्या था. बॉयफ्रेंड से चोट खाई लड़की बस स्टैंड में इंतजार कर रही थी, तभी झारखंड के एक व्यक्ति ने उसे देखा और मदद का झांसा दिया. उस वक्त शख्स झारखंड बाइक से पारादीप जा रहा था. उसने लड़की को मदद का झांसा दिया और उसे पारादीप में अपने किराए के कमरे की छत पर ले गया और वहां उसके साथ फिर से बलात्कार कियाइसके बाद उसने उसे छत से नीचे फेंक दिया जिससे उसकी मौत हो गई.
ओडिशा में राजनीति गरमाई
ओडिशा में इस दरिंदगी के खिलाफ पूर्व सीएम नवीन पटनायक भी नाराज दिखे. उन्होंने कहा कि और कितनी निर्दोष जानें जाएंगी? नाबालिग लड़कियों से लेकर दिव्यांग युवतियों तक कोई भी सुरक्षित नहीं है. क्या राज्य में अब भी कानून का राज कायम है? अंगुल के कन्हारी, संबलपुर के कुचिंदा और पारादीप से आ रही जघन्य अपराधों की खबरें बेहद परेशान करने वाली हैं. हर जगह अराजकता, चारों ओर असुरक्षा है.
भाई ने 3 दिन बाद दर्ज कराई रिपोर्ट
ओडिशा की यह घटना 22 फरवरी को घटी पर लड़की के भाई ने 25 को खोजने के बाद न मिलने पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस के अनुसार, इस हृदयविदारक मामले में पीड़िता के साथ एक ही दिन में दो बार दुष्कर्म किया गया, जिसके बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. युवती अपने प्रेमी के बुलावे पर घर से निकली थी, जिसने उसे शादी का वादा कर मंदिर बुलाया था,लेकिन मंदिर ले जाने के बजाय, प्रेमी उसे एक एकांत स्थान पर ले गया जहां उसने युवती के साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसे बस स्टैंड पर बेसहारा छोड़ दिया.














