ओडिशा में सिर्फ 15 नक्सली सक्रिय, CM माझी को 31 मार्च तक नक्सलियों से मुक्त होने की उम्मीद

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा है कि राज्य मार्च के अंत तक नक्सल मुक्त हो जाएगा. उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में केवल 15 माओवादी कैडर सक्रिय हैं, जो कंधमाल, कालाहांडी और रायगड़ा जिलों के सीमावर्ती इलाकों में हैं.

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ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी (Odisha CM Mohan Charan Majhi) ने उम्मीद जताई है कि ओडिशा मार्च के अंत तक नक्सल मुक्त हो जाएगा. सीएम माझी ने 31 मार्च तक ओडिशा को पूरी तरह से माओवादी-मुक्त राज्य बनाने के सरकार के लक्ष्य को दोहराते हुए बताया कि चल रहे अभियानों के साथ-साथ पुनर्वास कार्यक्रमों के कारण राज्य भर में सक्रिय कैडरों की संख्या में लगातार कमी आ रही है. मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि फिलहाल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सिर्फ 15 माओवादी कैडर सक्रिय हैं.

विधानसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सीएम माझी ने कहा कि केंद्र सरकार की सुरक्षा संबंधी व्यय (एसआरई) योजना के मुताबिक, वर्तमान में राज्य में केवल कंधमाल जिले को माओवादी प्रभावित जिला (एलडब्ल्यूई प्रभावित जिला) माना जाता है, जबकि आठ अन्य जिले बौध, बालांगीर, कालाहांडी, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर, नुआपड़ा और रायगड़ा को विरासत और प्रोत्साहन (एलएंडटी) जिला माना जाता है.

अब सिर्फ तीन जिलों में सक्रिय हैं नक्सली

सीएम माझी ने कहा कि असल में कंधमाल, कालाहांडी और रायगड़ा जिलों के कुछ सीमावर्ती इलाकों में करीब 15 माओवादियों की मौजूदगी के अलावा, राज्य के किसी भी दूसरे हिस्से में माओवादियों की कोई मौजूदगी नहीं है. उन्होंने आगे बताया कि पिछले दो वर्षों में 2024 से लेकर 15 मार्च 2026 तक राज्य में कुल 96 माओवादी उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है.

आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से मिल रहा नया जीवन

मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवादियों को मुख्यधारा में लाने के लिए राज्य सरकार 'आत्मसमर्पण और पुनर्वास' नीति चला रही है, जिससे उन्हें मुख्यधारा में लौटने में मदद मिल रही है. नीति के तहत वित्तीय सहायता, आवास, मासिक वजीफा, 36 महीने तक व्यावसायिक प्रशिक्षण, विवाह सहायता, स्वास्थ्य कार्ड और राशन कार्ड शामिल हैं, ताकि उनका सुचारू रूप से समाज में परिवर्तन हो सके.

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पांच साल में नक्सली हमलों में कई लोग मारे गए

माझी ने एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों (2021 से 15 मार्च, 2026 तक) में राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुए नक्सली हमलों और संबंधित हिंसक घटनाओं में सुरक्षाकर्मियों सहित 15 नागरिक और पांच सरकारी कर्मचारी अपनी जान गंवा चुके हैं. इस अवधि के दौरान, 2021 और 15 मार्च 2026 के बीच, सुरक्षाकर्मियों द्वारा मुठभेड़ में 50 माओवादियों को मार गिराया गया, 78 नक्सलियों को गिरफ्तार किया और 125 माओवादी पार्टी के सदस्यों ने आत्मसमर्पण कर दिया.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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