- नोएडा के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता का एक और वीडियो सामने आया है
- बचाव दल के कर्मचारी पास ही सीढ़ी पर बैठे थे लेकिन सही रास्ता खोजने में उलझे हुए नजर आए थे
- रेस्क्यू टीम युवराज की लोकेशन पहचानने में असमर्थ रही जबकि उनकी फ्लैश लाइट साफ दिखाई दे रही थी
सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज से जुड़ा एक और वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे मामले पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं. इस नए फुटेज में युवराज दूर से मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर मदद मांगते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में साफ दिखता है कि वह जंगलनुमा इलाके में फंसे हुए थे और अपनी लोकेशन बताने के लिए लगातार फोन की लाइट हवा में घुमा रहे थे.
वीडियो का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा वह है जिसमें बचाव दल के कर्मचारी पास ही सीढ़ी पर बैठे दिखते हैं, लेकिन वे सही रास्ता खोजने में उलझे हुए नजर आते हैं. सीढ़ी पर बैठे होने की वजह से ऐसा लगता है कि उन्हें युवराज की सटीक दिशा को लेकर कन्फ्यूजन था और वे मौके पर क्या करना चाहिए, इस पर माथापच्ची करते दिख रहे थे. इस वजह से रेस्क्यू में देर कैसे हुई, यह बड़ा सवाल बनकर सामने आ रहा है.
युवराज सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर काम करते थे. वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवराज बिल्कुल अकेले हैं और लगातार कोशिश कर रहे हैं कि बचाव टीम उनकी लोकेशन पहचान ले. घटना वाले क्षेत्र में गहरी खाई, भारी झाड़ियां और ऊंचे-नीचे रास्ते होने की वजह से राहत दल को दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन वीडियो यह भी दिखाता है कि युवराज की लाइट साफ दिखाई दे रही थी, इसके बावजूद टीम तत्काल दिशा तय नहीं कर पाई. इससे यह सवाल उठ रहा है कि अगर रेस्क्यू टीम जरा और सतर्कता से काम करती, तो क्या युवराज को समय रहते बचाया जा सकता था?
इस नए वीडियो के सामने आने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि अगर खोजबीन तेज़ और व्यवस्थित होती तो शायद नतीजे अलग होते. फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं.
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