- राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने एयरक्राफ्ट इंजन और डिफेंस एरोस्पेस टेस्ट फैसिलिटी का उद्घाटन किया.
- मुख्यमंत्री ने यूपी में नौ ऑर्डिनेंस फैक्ट्री और डिफेंस कॉरिडोर के लिए भूमि उपलब्ध कराने की जानकारी दी.
- रक्षा मंत्री ने इस यूनिट को आत्मनिर्भर भारत के विजन में महत्वपूर्ण बताते हुए इसे वैज्ञानिक क्रांति कहा.
नोएडा के सेक्टर-81 स्थित ड्रोन बनाने वाली कंपनी राफे एम फाइबर में शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे. यहां दोनों नेताओं ने एयरक्राफ्ट इंजन और डिफेंस एरोस्पेस टेस्ट फैसिलिटी का उद्घाटन किया. बता दे कि कंपनी द्वारा बनाए गए हाईटेक ड्रोन का इस्तेमाल हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया गया था. इस मौके पर रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री दोनों ने अपने-अपने संबोधन में देश की रक्षा क्षमताओं और यूपी के डिफेंस सेक्टर को लेकर खूब सराहा.
शेर जंगल का राजा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने उद्बोधन में कहा कि बढ़ती रक्षा क्षेत्र की चुनौतियों को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक वार वेयर, अत्याधुनिक ड्रोन निर्माण, एयरक्राफ्ट इंजन और एरोस्पेस टेस्ट फैसिलिटी को बधाई देता हूं. उन्होंने कहा कि देश 1947 से लगातार विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहा है. ऑपरेशन सिंदूर युद्ध के एक नए दौर में प्रवेश किया है और भारत ने अपनी सामर्थ्य और शक्ति का प्रदर्शन किया है. यह भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देता है और यह आज की आवश्यकता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब आपके पास ताकत है तो दुनिया आपके सामने नतमस्तक होती है. शास्त्र और शस्त्र दोनों में बेहतर समस्या जरूरी है. जब दोनों में बेहतर समन्वय होगा तो सामने वाला शांति की अपील करेगा. उन्होंने बकरी और शेर का उदाहरण दिया और कहा कि शेर जंगल का राजा होता है, उसके पास सामर्थ्य भी है और वह राज भी करता है.
डिफेंस कॉरिडोर के बारे में बताया
मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि यूपी में 9 ऑर्डिनेंस फैक्ट्री हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि वर्तमान की चुनौतियों को समझा गया है. उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर के लिए साढ़े 12 हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है. इसमें आगरा, अलीगढ़, झांसी, चित्रकूट और कानपुर शामिल हैं. यूपी आगे भी जमीन उपलब्ध कराएगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि BRAHMOS मिसाइल की यूनिट लखनऊ में स्थापित की गई है. ब्रह्मोस ने ऑपरेशन सिंदूर में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है. उन्होंने कहा कि लखनऊ की मुस्कुराहट और बढ़ जाएगी जब लखनऊ से दुश्मन को निशाना बनाया जाएगा. अत्याधुनिक ड्रोन के नए केंद्र और नई यूनिट को मुख्यमंत्री ने बधाई दी और कहा कि यूपी सरकार देश की सुरक्षा के लिए जो भी आवश्यकता पड़ेगी उसके लिए हमेशा खड़ी है.
राजनाथ सिंह का बड़ा दावा
वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने उद्बोधन में देश को समर्पित नई यूनिट को ऐतिहासिक बताया और इसे डिफेंस सिस्टम में साइंटिफिक रिवॉल्यूशन का उदाहरण करार दिया. उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के विज़न में इस यूनिट और इससे जुड़े वैज्ञानिकों व इंजीनियरों का योगदान महत्वपूर्ण है. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका या चीन जैसे देशों के डिफेंस सिस्टम हमारे बनाए गए ड्रोन को डिटेक्ट करने में सक्षम नहीं हैं. 2017 में मात्र 10 लोगों से शुरू हुई इस कंपनी ने आज 600 से अधिक वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के साथ मिलकर काम करते हुए देश की सबसे इनोवेटिव एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का रूप ले लिया है. उन्होंने इसे "दहशत पैदा करने वाला सिस्टम" बताया.
ड्रोन अब जरूरत
राजनाथ सिंह ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था इतनी खराब थी कि यहां बिज़नेस लगाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. लेकिन आज योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश नई सोच और नई नीतियों के साथ निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद गंतव्य बन गया है. उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर्स में वैसा जोश कहीं और नहीं देखा गया, जैसा यूपी में देखने को मिला. उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां भी ड्रोन हमलों का व्यापक इस्तेमाल हुआ है. पहले ड्रोन केवल सर्विलांस और मॉनिटरिंग के लिए इस्तेमाल किए जाते थे, लेकिन आज रक्षा तंत्र ड्रोन और एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी पर निर्भर है. उन्होंने कहा कि यह कंपनी भी एक स्टार्टअप के रूप में शुरू हुई थी और अब बड़ी उपलब्धि हासिल कर चुकी है.
पीएम मोदी की तारीफ की
राजनाथ सिंह ने पोखरण 1998 का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भारत को दुनिया का विरोध झेलना पड़ा था, लेकिन भारत की जिजीविषा कभी खत्म नहीं हुई. उन्होंने कहा कि मेडिकल, एग्रीकल्चर, आईटी और डिफेंस के क्षेत्र में भारत उभरती हुई तकनीकों से अपनी अलग पहचान बना रहा है. आत्मनिर्भरता आज की आवश्यकता भी है और जरूरत भी. उन्होंने जानकारी दी कि मात्र 14 महीनों में इस कंपनी और DRDO के उत्पाद ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हुए. इस अभियान में संकल्प, साहस और विज्ञान के संगम से सफलता मिली. राजनाथ सिंह ने कहा कि सेनाओं के शौर्य का उल्लेख होना जरूरी है और ऑपरेशन सिंदूर सेना के जवानों की वीरता की कहानी है. अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि 2014 में केंद्र में सरकार आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इनोवेशन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया और उसी का परिणाम है कि भारत आज रक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में नए युग की ओर बढ़ रहा है.